झारखंड: खूंटी के सुदूर नक्सल प्रभावित इलाकों में पहुंचे जवान, गांव वालों को दिखी आशा की किरण

झारखंड के खूंटी जिले की 209 कोबरा बटालियन और झारखंड जगुवार की टीम पहली बार नक्सल (Naxal) प्रभावित रायजेमा और कंदराकुटी गांव पहुंची। गांव वालों ने पहली बार जवानों को साक्षात देखा। दरअसल, जवान यहां सिविक एक्शन प्रोग्राम के लिए पहुंचे थे। इन दुरूह इलाकों में पुलिस के दोस्ताना और सहयोगी व्यवहार को देखकर गांव वालों के चेहरे पर आशा भरी मुस्कान थी।

Naxal
फाइल फोटो।

झारखंड के खूंटी जिले की 209 कोबरा बटालियन और झारखंड जगुवार की टीम पहली बार नक्सल (Naxal) प्रभावित रायजेमा और कंदराकुटी गांव पहुंची। गांव वालों ने पहली बार जवानों को साक्षात देखा। दरअसल, जवान यहां सिविक एक्शन प्रोग्राम के लिए पहुंचे थे। इन दुरूह इलाकों में पुलिस के दोस्ताना और सहयोगी व्यवहार को देखकर गांव वालों के चेहरे पर आशा भरी मुस्कान थी। बच्चे, युवा, महिलाएं बुजुर्ग सभी एक साथ पुलिस के सिविक एक्शन प्रोग्राम में शामिल हुए।

209 कोबरा बटालियन के जवानों ने बच्चे, युवा, महिला और बुजुर्गों के लिए अलग-अलग खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया। साथ ही ग्रामीणों के बीच बड़ी संख्या में दैनिक उपयोगी सामग्रियों का वितरण किया गया। 209 कोबरा बटालियन के कमांडेंट ने बताया कि सुदूरवर्ती नक्सल (Naxal) प्रभावित इलाके में पुलिस की उपस्थिति का दूरगामी और सीधा प्रभाव होगा। जंगलों और पहाड़ों से घिरे इलाके होने के कारण और नक्सली गतिविधियों की वजह से सरकार के विकास कार्यों को यहां तक पहुंचने में वक्त लगता है।

ऐसे में 209 कोबरा बटालियन के नए कैंप निर्माण से ग्रामीणों में आशा और उम्मीद की आस जगी है। आने वाले समय में अब यहां के ग्रामीण भी सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतरते देखेंगे। साथ ही गांव वालों का सुरक्षाबलों के साथ विश्वास का रिश्ता मजबूत होगा और यह नक्सलवाद के खात्मे में यह सहायक सिद्ध होगा।

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