झारखंड: लॉकडाउन में CRPF के जवान बने मददगार, गिरिडीह के नक्सल प्रभावित गांवों में लोगों के बीच बांटा जरूरत का सामान

लॉकडाउन (Lock Down) की वजह से कई मजदूर एवं गरीब वर्ग के लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नक्सल प्रभावित राज्यों के सुदूर गांवों में रह रहे ऐसे गरीब तबके के लोगों के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान लोगों के लिए देवदूत बन गए हैं।

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नक्सल प्रभावित राज्यों के सुदूर गांवों में रह रहे ऐसे गरीब तबके के लोगों के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान लोगों के लिए देवदूत बन गए हैं।

देश में कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन (Lock Down) की वजह से कई मजदूर एवं गरीब वर्ग के लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नक्सल प्रभावित राज्यों के सुदूर गांवों में रह रहे ऐसे गरीब तबके के लोगों के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान लोगों के लिए देवदूत बन गए हैं।

सीआरपीएफ (CRPF) के जवान जरूरतमंद परिवारों को सूखा राशन पैकेट, स्वनिर्मित फेस मास्क, हैंड वॉश, दवायुक्त साबुन, सैनिटाइजर आदि का वितरण कर रहे हैं। सीआरपीएफ (CRPF) की 154 वीं बटालियन के कमांडेंट आलोक वीर यादव के निर्देशानुसार झारखंड के गिरिडीह जिले के निमियाघाट थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित गांवों में ग्रामीणों के बीच जरूरत की समाग्रियों का वितरण किया गया।

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सिविक एक्शन प्रोग्राम (Civic Action Program) के तहत नक्सल प्राभावित गांव चपरखो, खुटा बनखारो, खेजवाली आदि गांवों में कमांडिंग ऑफिसर संजय चौहान के नेतृत्व में सीआरपीएफ (CRPF) की 154वीं बटालियन द्वारा जरूरतमंद परिवार एवं गरीबों के बीच खाद्द सामाग्री बांटी गई। निमियाघाट सीआरपीएफ (CRPF) कैम्प के द्वारा खुटा में यह शिविर आयोजित किया गया था।

ग्रामीणों को खाद्द सामाग्री के अलावा मास्क और सेनेटाइजर भी दिया गया। कार्यक्रम में शामिल लोगों को सहायक कमांडेड संजय चौहान ने कहा की आप सबों को जरूरत के अनुसार समाग्री मुहैया कराई गई है और आगे भी कराई जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को कोरोना वायरस और लॉकडाउन से संबंधित कई दिशा निर्देश भी दिए।

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