झारखंड: लॉकडाउन में भी CRPF जवान ड्यूटी पर हैं मुस्तैद, नक्सल प्रभावित इलाकों में लोगों को मुहैया करवा रहे राशन

कोरोना महामारी (Coronavirus) को लेकर हुए लॉकडॉउन के कारण सभी अपने-अपने घरों में है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं।

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कोरोना महामारी (Coronavirus) को लेकर हुए लॉकडाउन के कारण सभी अपने-अपने घरों में है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। पर, इस संवेदनशील स्थिति में भी सुरक्षाबल के जवान लोगों की मदद के लिए हर समय तैयार हैं। वे मजदूरों और गरीब ग्रामीणों तथा आदिवासी बाहुल्य गांवों में जाकर गरीबों के बीच जरूरत का सामान दे रहे हैं।

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धुर नक्सल प्रभावित इलाकों में जाकर CRPF जवान लोगों को राशन मुहैया करा रहे।

इसी कड़ी में झारखंड के गिरिडीह जिले के मधुबन कैंप के सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों, पीरटांड़ पुलिस और मधुबन पुलिस के पदाधिकारियों ने इलाके के सुदूरवर्ती गांवों में जाकर राशन मुहैया करवा रही है। सीआरपीएफ (CRPF) और पुलिस ने ग्रामीणों को अपने-अपने घरों रहने का संदेश दिया ताकि कोरोना (Coronavirus) महामारी से बचा जा सके।

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इस दौरान थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित हरलाडीह, सुगवाटांड़ सहित कई गांवों में पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) के संयुक्त प्रयास से खाद्य सामग्री बांटी गई। थाना प्रभारी अशोक प्रसाद ने कहा कि मुसीबत के समय पुलिस मदद करती है। हम सभी इन गांवों में आकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। किसी बी गरीब की मौत भूख से ना हो इसलिए गरीबों के बीच अनाज भी बांटे जा रहे हैं।

वहीं, सीआरपीएफ (CRPF) के कमांडेंट राजवर्धन सिंह ने कहा कि हम लोगों का जीवन मातृभूमि की रक्षा में समर्पित है। इसलिए हम अपने लोगों को भूख से नहीं मरने देंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना (Coronavirus) माहमारी को देखते हुए एक साथ दो काम हो रहे हैं। गांव में आकर लॉक डाउन और कानून व्यवस्था की स्थिति का भी पता चल जा रहा है। साथ ही साथ इन गरीबों से मिलकर उन्हें जरूरत का सामान और राशन भी मुहैया करवाया जा रहा है। इससे बड़ा मानव सेवा हमारे लिए कुछ नहीं है।

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