पुणे की फैक्ट्री में वेश बदल काम कर रहा था खूंखार नक्सली, Dumka पुलिस ने धर दबोचा

झारखंड की दुमका (Dumka) पुलिस को नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक लाख रुपये के इनामी नक्सली आकाश मुर्मू को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी महाराष्ट्र के पुणे से हुई है। इस नक्सली के ऊपर 5 मामले पाकुड़ और दुमका जिले के विभिन्न थानों में दर्ज हैं।

Dumka
गिरफ्तार नक्सली आकाश मुर्मू

पुलिस को काफी अरसे से नक्सली आकाश मुर्मू की तलाश थी। गिरफ्तार नक्सली के ऊपर पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार की हत्या करने, 2014 के लोकसभा चुनाव में बम विस्काफोट कर शिकारीपाड़ारी के पलासी में पोलिंग पार्टी पर हमला कर पुलिस सहित 8 लोगों की हत्या करने और आगजनी करने सहित कई संगीन मामले दर्ज हैं। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को इस नक्सली के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी। गुप्त सूचना के आधार पर Dumka जिले के एसपी वाई एस रमेश ने इस नक्सली को पकड़ने के लिए पुलिस की छापेमारी दल गठित किया।

टीम में डीएसपी श्रीराम समद के नेतृत्व में काठीकुंड के इंस्पेक्टर वकार हुसैन और नगर थाना के लखविंदर सिंह चौहान को शामिल किया गया था। Dumka एसपी ने टीम को इस कुख्यात नक्सली पकड़ने के निर्देश दिए। पुलिस की छापेमारी टीम ने आकाश को पुणे में एक फैक्ट्री में काम करने के दौरान गिरफ्तार किया। गिरफ्तार कर उसे पुलिस Dumka ले आयी है। आकाश मुर्मू उर्फ साहेब राम हांसदा जिले के रामगढ़ प्रखंड के लखनपुर का रहने वाला है। वह 2013 में नक्सली संगठन में शामिल हुआ था। उसी साल पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार हत्याकांड में शामिल होने के कारण इसका नाम चर्चा में आया।

पढ़ें: आतंकवाद से लड़ना चाहता है पाक तो भारत सैन्य मदद देने को तैयार

कुल पांच मामलों में Dumka पुलिस को इसकी तलाश थी। एसपी वाई एस रमेश ने बताया कि पुलिस की दबिश बढ़ने के चलते ही आकाश पुणे में जाकर छिप गया था। लेकिन पुलिस को इसके बारे में गुप्त सूचना मिल गई। जिसके बाद साइबर डीएसपी के नेतृत्व में टीम गठित कर पुणे भेजा गया। जहां से इसकी गिरफ्तारी संभव हुई। एसपी वाई एस रमेश ने सभी छापामारी टीम के पुलिस कर्मियों को प्रस्सति पत्र देकर सम्मानित किया। बता दें कि पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी।

2 जुलाई, 2013 को दुमका से पाकुड़ लौटने के दौरान काठीकुण्ड के आमतल्ला के पास तत्कालीन एसपी के काफिले पर नक्सलियों ने एके 47, इंसास राइफल और एसएलआर से गोलियों की बौछार कर दी थी। इसमें एसपी समेत 6 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। एसपी अमरजीत बलिहार समेत 6 पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले Dumka कोर्ट ने पिछले साल दो नक्सलियों को दोषी ठहराया था, जबकि सुबूतों के अभाव में पांच को बरी कर दिया गया था। कोर्ट ने सुखलाल मुर्मू उर्फ प्रवीर और सनातन वास्ती उर्फ ताला को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने बाद में दोनों नक्सलियों को फांसी की सजा सुनाई थी।

पढ़ें: ‘एक के बदले 100 मारो’, जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए BSF जवान का शव देख फूटा परिवार वालों का गुस्सा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here