झारखंड पुलिस के साथ मिलकर CRPF करेगी राज्य से नक्सलियों का सफाया, 45 हार्डकोर नक्सली हैं हिट लिस्ट में

सीआरपीएफ (CRPF) झारखंड सेक्टर के आइजी राजकुमार मिश्रा, सेना से सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सुशील कुमार शर्मा और सीआरपीएफ कमांडेंट कैलाश प्रसाद ने 19 मार्च को संयुक्त रूप से संवाददाताओं को संबोधित किया।

CRPF

सीआरपीएफ (CRPF) झारखंड सेक्टर के आइजी राजकुमार मिश्रा ने 19 मार्च को संवाददाताओं को संबोधित किया।

सीआरपीएफ (CRPF) झारखंड सेक्टर के आइजी राजकुमार मिश्रा ने 19 मार्च को संवाददाताओं को संबोधित किया। आइजी राजकुमार मिश्रा के साथ सेना से सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सुशील कुमार शर्मा और सीआरपीएफ कमांडेंट कैलाश प्रसाद भी संवाददाता सम्मेलन में मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने यह जानकारी दी कि सीआरपीएफ (CRPF) ने राज्य के 45 हार्डकोर नक्सली नेताओं को चिह्नित किया है, जिनके खिलाफ सीआरपीएफ (CRPF) के कोबरा बटालियन को झारखंड पुलिस के साथ मिलकर विशेष अभियान चलाने के लिए निर्देश दिया गया है।

CRPF
झारखंड पुलिस के साथ मिलकर CRPF करेगी राज्य से नक्सलियों का सफाया।

धुर्वा के तिरिल स्थित सीआरपीएफ (CRPF) के ग्रुप केंद्र में तीनों ही अधिकारियों ने इस केंद्रीय बल की 81वें वर्षगांठ पर अपनी उपलब्धियां और चुनौतियों का जिक्र किया। अधिकारियों ने बताया कि रांची, सरायकेला, पोड़ाहाट, खूंटी में नक्सली सक्रिय हैं। उनके लिए विशेष अभियान जारी है।

आइजी ने बताया कि नक्सलियों के लिए कुख्यात बूढ़ा पहाड़, सारंडा, पारसनाथ अब पूरी तरह सीआरपीएफ के नियंत्रण में है। इन्हें पूरी तरह समाप्त होने में अभी थोड़ा वक्त और वक्त लगेगा। 81वें वर्षगांठ पर 19 मार्च को सीआरपीएफ (CRPF) झारखंड सेक्टर के माध्यम से भी राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम होने थे। इनमें मिनी मैराथन, बैंड डिस्प्ले, पेंटिंग प्रतियोगिता, जागरूकता रैली और रक्तदान शामिल हैं।

Coronavirus LIVE Updates: भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़ कर हुई 236

हालांकि, इनमें कुछ कार्यक्रम तो हुए, लेकिन कुछ कार्यक्रमों को कोरोना वायरस (Coronavirus) के खतरे को ध्यान में रखते हुए रद्द कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर सीआरपीएफ (CRPF) मुख्यालय सतर्क है। सभी कर्मियों को कोरोना से सतर्क रहने के लिए निर्देशित किया गया है।

 

बाहर से आने वाले सभी जवानों को मेडिकल जांच के बाद ही यूनिट में प्रवेश मिल रहा है और उन्हें जंगल में ऑपरेशन पर भेजा जा रहा है। छुट्टी खत्म कर यूनिट में योगदान देने वाले कर्मियों-जवानों की पहले मेडिकल जांच कराई जा रही है।

यह भी पढ़ें