झारखंड: लोगों से राशन-पानी मांग रहे नक्सली, ना देने पर फैला रहे दहशत

झारखंड (Jharkhand) के चाईबासा के नक्सली (Naxals) इलाकों में ‘लाल आतंक’ के खूंखार लोग स्थानीय गांव वालों को परेशान कर रहे हैं। हाल ही में नक्सलियों की एक इकाई क्रांतिकारी किसान कमेटी ने झरझरा इलाके में पोस्टरबाजी की है।

Naxals

सांकेतिक तस्वीर।

झारखंड (Jharkhand) के चाईबासा के नक्सली (Naxals) इलाकों में ‘लाल आतंक’ के खूंखार लोग स्थानीय गांव वालों को परेशान कर रहे हैं। हाल ही में नक्सलियों की एक इकाई क्रांतिकारी किसान कमेटी ने झरझरा इलाके में पोस्टरबाजी की है। पोस्टरों में हाट बाजार, सड़क किनारे हंडिया-दारु बेचने पर रोक लगाने को कहा गया है। हाथ से लिखे पोस्टर जगह-जगह पाए जाने पर लोग डर गए हैं।

दरअसल, नक्सलियों (Naxalites) के इस करतूत के पीछे वजह यह बताई जा रही है कि नक्सली गांव के लोगों से राशन-पानी मांग रहे हैं और गांव के लोग उन्हें देने से इनकार कर रहे हैं। नक्सली इलाके के लोगों के इस रवैये से आक्रोशित हैं और कई बार उन्हें अंजाम भुगतने की धमकी भी दे रहे हैं।

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पोड़ाहाट जंगल इलाके के पहाड़ी गांव के लोगों की एक परेशानी यह है कि नक्सली (Naxals) अक्सर उनके गांव में धमक जाते हैं और उनसे अपना हिस्सा (रंगदारी) मांगने लगते हैं। यहां के गांव वालों का कहना है कि ‘विभिन्न नक्सली संगठन के लोग अथवा अपराधी आये दिन ग्रामीणों से भोजन पानी की व्यवस्था करने को कहते हैं। उनके जाने के बाद पुलिस आकर पूछताछ करती है। गांव से पुलिस के जाने के बाद पुनः नक्सली ग्रामीणों से पूछताछ करते हैं। इसे लेकर ग्रामीण भयभीत हैं, क्योंकि हमारे पास ने तो सुरक्षा के साधन है और न ही दूसरा आश्रय।’

लॉकडाउन का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ने के साथ नक्सली व उग्रवादी संगठनों (Naxal Organizations) पर भी पड़ा है। वाहन नहीं चलने और जगह-जगह पहरेदारी से शहरी क्षेत्र से जंगल इलाके में राशन व अन्य जरूरत के सामान नहीं पहुंचा पा रहा है। ऐसे में नक्सली संगठन पहाड़ी गांवों के रास्ते कस्बों में अपनी पैठ और सख्त बना रहे हैं।

पहले भी ऐसी कई खबरें आ चुकी हैं जिसमें नक्सलियों (Naxals) द्वारा गांव वालों से रंगदारी मांगने बात सामने है। कोरोना वायरस के खतरे और लॉकडाउन की वजह से गरीब ग्रामीण पहले से ही परेशआन हैं और ऐसी भी खबरें आई हैं कि इस नाजुक घड़ी में नक्सली उनका राशन-पानी भी छिन ले रहे हैं।

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