जम्मू-कश्मीर: सेना के जवानों ने तीन आतंकियों को किया ढेर, कर रहे थे घुसपैठ की कोशिश

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में 1 जून को नियंत्रण रेखा के पार भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश के दौरान पाकिस्तान के तीन आतंकवादियों (Terrorists) को भारतीय सेना के जवानों ने मार गिराया।

Terrorists

फाइल फोटो।

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में 1 जून को नियंत्रण रेखा के पार भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश के दौरान पाकिस्तान के तीन आतंकवादियों (Terrorists) को भारतीय सेना के जवानों ने मार गिराया। आतंकवादी भारी हथियारों से लैस थे और पाकिस्तान में प्रशिक्षित हुए थे। फिलहाल पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ रोकने के लिए पिछले हफ्ते से ही तलाशी अभियान जारी है।

जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए भारत में घुसने की कोशिश करने वाले आतंकवादियों (Terrorists) के बारे में खुफिया एजेंसियों द्वारा सचेत किए जाने के बाद से ही काउंटर घुसपैठ शुरू हो गई। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान एलओसी (LoC) के पार आतंकियों को भेजने की कोशिश कर रहा है। गुरेज सेक्टर के सामने स्थित पाकिस्तान पोस्ट और सरदारी पर केंद्रित अज्ञात आतंकवादियों के दो समूह घुसपैठ की योजना बना रहे थे।

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एजेंसियों ने यह भी जानकारी दी थी कि एक अन्य सेट जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के नेतृत्व वाले अज्ञात आतंकवादी (Terrorists) हैं जो माछिल सेक्टर के विपरीत ओर केल और तेजियन में केंद्रित हैं और घुसपैठ की योजना बना रहे थे। ऐसे में सेना पहले से सतर्क थी। आतंकियों के घुसपैठ की कोशिश करते ही उन्हें मार गिराया।

भारतीय सेना (Indian Army) के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) के करीब 15 लॉन्च पैड आतंकवादियों (Terrorists) से भरे हुए हैं। अधिकारी ने कहा कि उन्हें आशंका है कि इस गर्मी में सीमा पार से घुसपैठ के प्रयासों में वृद्धि हो सकती है, ताकि वे घाटी में घटते आतंकवादी कैडरों की भरपाई कर सकें।

बता दें कि पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) लगातार आतंकियों को घुसपैठ कराने की नापाक हरकतें कर रही है। इसी क्रम में पाकिस्तानी सेना आए दिन संघर्षविराम का उल्लंघन करती है। पाकिस्तान की इन्हीं नापाक हरकतों को देखते हुए हाल ही में श्रीनगर में सेना, पुलिस और नागरिक प्रशासन की कोर ग्रुप की बैठक हुई थी। जिसमें यह तय किया गया था कि घाटी में विभिन्न तंजीमों के आतंकियों का सफाया करने के साथ ही उन्हें आर्थिक मदद पहुंचाने की सप्लाई लाइन को भी काटा जाएगा। इसके लिए उनके मददगारों को चिह्नित कर उन पर शिकंजा कसा जाएगा।

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