Jammu Kashmir: प्रशासन ने तीन नेताओं को रिहा किया, Article 370 हटने के बाद से थे नजरबंद

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) प्रशासन ने राज्य से 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने के बाद से हिरासत में लिये गए तीन नेताओं को 10 अक्टूबर को रिहा कर दिया। अधिकारियों ने 9 अक्टूबर की रात यह जानकारी दी।

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Jammu Kashmir प्रशासन हिरासत में लिये गए तीन नेताओं को रिहा कर दिया।

अधिकारियों के मुताबिक, Jammu Kashmir के नेता यावर मीर, नूर मोहम्मद और शोएब लोन को एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने समेत विभिन्न आधार पर रिहा किया। मीर पीडीपी के राफियाबाद विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं, जबकि लोन ने कांग्रेस के टिकट से उत्तर कश्मीर से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने बाद में कांग्रेस छोड़ दी थी। उन्हें पीपुल्स कॉन्फ्रेंस प्रमुख सज्जाद लोन का करीबी माना जाता है। नूर मोहम्मद नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ता हैं। अधिकारियों ने बताया कि रिहा किए जाने से पहले नूर मोहम्मद एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर शांति बनाए रखने एवं अच्छे व्यवहार का वादा करेंगे।

इससे पहले राज्यपाल प्रशासन ने पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के इमरान अंसारी और सैयद अखून को स्वास्थ्य कारणों से 21 सितंबर को रिहा किया था। गौरतलब है कि Jammu Kashmir को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के केंद्र सरकार के 5 अगस्त के फैसले के बाद नेताओं, अलगाववादियों, कार्यकर्ताओं और वकीलों समेत हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था।

इनमें Jammu Kashmir के तीन पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती भी शामिल हैं। करीब 250 लोग जम्मू-कश्मीर के बाहर जेल भेजे गए। फारुक अब्दुल्ला को बाद में लोक सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया गया जबकि अन्य नेताओं को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के तहत हिरासत में लिया गया।

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