सुप्रीम कोर्ट ने दी गुलाम नबी आजाद को कश्मीर जाने की इजाजत

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गुलाम नबी आजाद बारामूला, अनंतनाग, श्रीनगर और जम्मू जिलों का दौरा कर सकते हैं।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद लगाई गई पाबंदियों के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से बताया गया कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को हिरासत में रखा गया है। केंद्र ने बताया कि अब्दुल्ला को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत हिरासत में रखा है। बता दें कि इस एक्ट के तहत बिना सुनवाई के दो साल तक किसी को भी हिरासत में रखा जा सकता है। बता दें कि पब्लिक सेफ्टी एक्ट पहली बार फारूक अब्दुल्ला के पिता शेख अब्दुल्ला के कार्यकाल में लगाया गया था।

एमडीएमके के नेता वाइको की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या अब्दुल्ला किसी प्रकार की हिरासत में हैं? इस पर वाइको के वकील ने कोर्ट को बताया, ‘केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा है कि फारूक अब्दुल्ला किसी प्रकार की हिरासत में नहीं है, लेकिन हमें उनका पता ठिकाना मालूम नहीं है।’ अदालत ने केंद्र और जम्मू-कश्मीर को नोटिस जारी करते हुए 30 सितंबर तक जवाब मांगा है। वहीं, खबर है कि 15 सितंबर की रात को ही फारुक अब्दुल्ला को पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत हिरासत में ले लिया गया। राज्यसभा सांसद वाइको की याचिका पर CJI रंजन गोगोई, जस्टिस एस ए बोबडे और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ ने सुनवाई की।

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याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने केंद्र सरकार से पूछा ‘क्या वो हिरासत में हैं?’ इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा हम सरकार से निर्देश लेंगे। वाइको के वकील ने कोर्ट से कहा कि फारुक अब्दुल्ला बाहर नहीं निकल सकते, कश्मीर में अधिकारों का हनन हो रहा है। कोर्ट ने वकील से कहा कि अपनी आवाज तेज ना करें। सुप्रीम कोर्ट ने वाइको की फारुक अब्दुल्ला को रिहा करने की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। केंद्र सरकार ने इसका विरोध किया और कहा कि नोटिस की जरूरत नहीं है। इस मामले पर 30 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने गुलाम नबी आजाद को कश्मीर जाने की इजाजत दे दी है, इस दौरान वह चार जिलों का दौरा कर सकते हैं।

इस दौरान वह कोई राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। वहां जाने के बाद वह सुप्रीम कोर्ट को एक रिपोर्ट सौपेंगे। सुप्रीम कोर्ट की इजाजत के बाद अब गुलाम नबी आजाद बारामूला, अनंतनाग, श्रीनगर और जम्मू जिलों का दौरा कर सकते हैं। गुलाम नबी आजाद की तरफ से अदालत को भरोसा दिलाया गया है कि इस दौरान वह कोई रैली नहीं करेंगे। 16 सितंबर को सुनवाई के दौरान गुलाम नबी आजाद की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में कहा कि गुलाम नबी आजाद 6 बार के सांसद हैं, पूर्व मुख्यमंत्री हैं फिर भी श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया। गुलाम नबी आजाद ने 8, 20 और 24 अगस्त को वापस जाने की कोशिश की।

गौरतलब है कि गुलाम नबी आजाद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालकर अपने परिवार से मिलने की इजाजत मांगी थी। गौरतलब है कि 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला लिया था। इसके बाद से ही किसी भी नेता को घाटी में जाने की इजाजत नहीं थी। जब गुलाम नबी आजाद गए थे तो उन्हें श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेज दिया था। इसके बाद वह राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ श्रीनगर गए थे। उन सभी को भी श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया था।

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