30 घंटे बाद पाकिस्तान ने की थी जवाबी कार्रवाई, फिर भी खानी पड़ी मुंह की

भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) प्रमुख एयरचीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया (Air Chief Marshal R K S Bhadauria) ने कहा है कि एक साल पहले सरकार ने नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान के भीतर घुसकर आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों पर हमला करने का कठोर और साहसिक निर्णय लिया था।

Air Chief Marshal R K S Bhadauria
एयरचीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया (फाइल फोटो)।

एयरचीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया (Air Chief Marshal R K S Bhadauria) ने कहा कि इसके बाद भारतीय वायुसेना ने अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक तबाह किया। भदौरिया ने बताया कि पाकिस्तान वायु सेना ने एयर स्ट्राइक के 30 घंटे बाद ऑपरेशन स्विफ्ट रिटोर्ट के तहत बड़ी संख्या में युद्धक विमानों के जरिए जबावी कार्रवाई की।

हालांकि, भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने उन्हें कोई भी लक्ष्य साधने नहीं दिया। वे भागने की जल्दी में थे। पाकिस्तान ने ऐसा अपने लोगों को दिखाने के लिए किया था।

वहीं, भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के उपप्रमुख एयर मार्शल हरजीत सिंह अरोड़ा ने पाकिस्तान द्वारा लगातार परमाणु हमले की धमकी दिए जाने का जवाब देते हुए कहा है कि पाकिस्तान परमाणु हमले और उसकी क्षमताओं के बारे में बात कर सकता है। हमारे पास भी ऐसी ही क्षमता है।

बालाकोट एयर स्ट्राइक का जिक्र करते हुए उपप्रमुख एयर मार्शल ने कहा कि जहां तक उनके आतंकी कारखानों का सवाल है, वे अब सीमा पार कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। हमारे पास उन ठिकानों को उड़ाने के लिए इच्छाशक्ति, क्षमता और राजनीतिक समर्थन है।

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