भारतीय सैन्य इतिहास का सबसे बड़ा पुनर्गठन, तीन साल में मिल जाएंगे मिलिट्री कमांड्स

अगले तीन साल में भारत सैन्य इतिहास में सबसे बड़े पुनर्गठन में थलसेना (Army), वायुसेना (Air Force) और नौसेना (Navy) के संचालन को एकीकृत करने वाले सैन्य कमानों (Military commands) का संचालन शुरू कर देगा।

Military Commands

अगले तीन साल में भारत सैन्य इतिहास में सबसे बड़े पुनर्गठन में थलसेना (Army), वायुसेना (Air Force) और नौसेना (Navy) के संचालन को एकीकृत करने वाले सैन्य कमानों (Military commands) का संचालन शुरू कर देगा।

अगले तीन साल में भारत थलसेना (Army), वायुसेना (Air Force) और नौसेना (Navy) के संचालन को एकीकृत करने वाले सैन्य कमानों (Military commands) का संचालन शुरू कर देगा। यह भारत के सैन्य इतिहास में सबसे बड़ा पुनर्गठन है। इसके अंतर्गत सेना, वायुसेना और नौसेना के संचालन को एकीकृत करना है।

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अगले तीन साल में भारत सैन्य इतिहास में सबसे बड़े पुनर्गठन में थलसेना, वायुसेना और नौसेना के संचालन को एकीकृत करने वाले सैन्य कमानों (Military commands) का संचालन शुरू कर देगा।

दुश्मनों से तत्काल निपटने के लिए देश में सैन्य कमानों (Military commands) के अंतर्गत छह से आठ थियेटर कमान (Theatre Command) का गठन किया जा सकता है। ये कमान थल, जल और नभ सेना की शक्तियों से लैस होंगी। हर थियेटर कमान का एक अलग चीफ होगा। अभी थियेटर कमान का पूरा खाका तैयार नहीं है, लेकिन थियेटर कमान का प्रमुख सीधे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के अधीन भी लाया जा सकता है। सीडीएस (CDS) का पदभार ग्रहण करते समय जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) ने कहा था कि उनका लक्ष्य सैन्य ताकत को एक करना और लॉजिस्टिक जनशक्ति को एकीकृत करना है। जनरल बिपिन रावत के अनुसार, “थियेटर कमान भविष्य की जरूरत है और यह दुश्मन के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम होंगी।”

तीनों सेनाओं की ताकत होगी थियेटर कमान के पास

बता दें कि चीन ने हाल में पांच थियेटर (Theatre Command) कमान बनाई हैं। सूत्रों के मुताबिक, देश में थियेटर कमान की संख्या अभी तय नहीं की गई हैं, लेकिन यह छह से आठ के बीच में हो सकती हैं। मुख्यत उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी थियेटर कमान बनाने का विचार है, लेकिन एक दिशा में एक से अधिक थियेटर कमान हो सकती हैं। इस पर अभी फैसला होना बाकी है। रावत ने कहा कि थियेटर कमान के पास तीनों सेनाओं की ताकत होगी और हर कमान का एक प्रमुख होगा। इनके गठन, संचालन एवं नियंत्रण आदि मुद्दों को अभी तय किया जाना है। उन्होंने तीन साल में इस प्रक्रिया के पूरी होने की उम्मीद जताई। हर थियेटर कमांड का एक हेडक्वार्टर होगा। हाल में गठित किए गए सैन्य मामलों के विभाग और सीडीएस को जो जिम्मेदारियां दी गई हैं, उनमें सेना का पुनर्गठन एक प्रमुख कार्य है।

17 सिंगल कमांड्स हैं देश में

देश में अभी 17 सिंगल कमांड्स हैं। थल सेना की सात, वायुसेना की छह तथा नौसेना की तीन कमान हैं। अंडमान निकोबार में एक ट्राई सर्विस कमान है। इसमें सेना, वायुसेना और नौसेना तीनों शामिल हैं। थियेटर कमान बन जाने के बाद ये कमान रहेंगी या नहीं रहेंगी, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन योजना यह है कि थियेटर कमान ही असल युद्धक भूमिका में होंगी। रक्षा सूत्रों की माने तो इन सिंगल कमांड्स को मिलाकर कम से कम चार या छह थिएटर कमांड्स बनाए जा सकते हैं। सैन्य कमांड्स (Military commands) की संख्या को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

ये होंगी नई कमान

1. एयर डिफेंस- रावत ने कहा कि थियेटर कमान के अनुरूप ही एक संयुक्त एयर डिफेंस कमान भी बनेगी। अभी थल, नभ और नौसेना का एयर डिफेंस का अपना-अपना तंत्र है। इसे मिलाकर एक एयर डिफेंस कमान बनाई जाएगी। इससे देश में दुश्मन के हवाई हमलों को नाकाम करना संभव होगा।

2. लॉजिस्टिक- इसके अलावा संसाधनों की उपलब्धता, देखरेख और परिवहन आदि को लेकर एक लाजिस्टिक थियेटर कमान बनाई जाएगी।

3. स्पेस- थियेटर कमान बनाने के बाद स्पेस को लेकर एक अलग कमान के गठन का भी प्रस्ताव है।

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि कहा जा रहा है कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ वेस्टर्न थियेटर कमांड (Western Theatre Command) और नॉर्दर्न थियेटर कमांड (Northern Theatre Command) बनाने की संभावना पर भी विचार कर रहे हैं। ईस्टर्न थियेटर कमांड चीन फ्रंटियर के साथ सीमावर्ती इलाकों को देखेगा। भारत में एक पेनिंसुला कमान, वायु रक्षा कमान, अंतरिक्ष कमान और एक बहु-सेवा रसद कमान और प्रशिक्षण कमान भी होगी। प्रत्येक थिएटर कमांड वायु सेना का भी अभिन्न हिस्सा होगा। इसमें जरूरत के आधार पर अतिरिक्त विमान भी तैनात किए जा सकते हैं। इस बारे में तीनों सेना के प्रमुखों और सीडीएस के बीच बातचीत हो रही है। बातचीत में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि सैन्य कमान (Military commands) का गठन एक निश्चित समय सीमा में किया जाए।

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