India China Clash: पैंगोंग झील से भी पीछे हटी चीनी सेना, गोगरा पोस्ट एक-दो दिन में करेगी खाली

भारतीय सेना (Indian Army) फिंगर–4 पर संघर्ष कर रही थी कि उसने गलवान घाटी (Galwan Valley) पर मोर्चा खोल दिया और पेट्रोलिंग प्वाइंट–14 पर अपनी सेना खड़ी कर दी।

Galwan Valley

Chinese Troops Move 2 Kilometres Back From Galwan Valley Face-Off Site

India China Clash: शुरुआती झगड़े की जड़ पैंगोंग त्सो लेक के पेट्रोलिंग पॉइंट फिंगर 4 में भारत को रणनीतिक तौर पर बड़ी कामयाबी मिली। चीन ने इस बिंदु से भी अपनी सेना ‘पीएलए’ को पीछे बुलाना शुरू कर दिया है और सैनिकों की संख्या को भी कम कर दिया है। गलवान घाटी (Galwan Valley) पेट्रोलिंग प्वाइंट–14 और हॉट स्प्रिंग के पेट्रोलिंग प्वाइंट–15 को चीनी सेना (PLA Troops)  ने पूरी तरह से खाली कर दिया है और गोगरा पोस्ट के पेट्रोलिंग–17 को एक–दो दिन में पूरी तरह से खाली कर देगा। आज से से दोनों सेनाओं का पीछे हटने का वेरिफिकेशन शुरू होगा। तब असल में पता चलेगा कि चीनी सेना (PLA Troops)  कितनी पीछे हटी है और उसने अपने द्वारा बनाए गए टेंट और अस्थाई ढांचे कितने हटाए हैं?  

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भारत का कड़े रवैया और दुनियाभर में विलेन के रूप में उभरे चीन ने अपनी छवि सुधारने के लिए पूर्वी लद्दाख के वास्तविक नियंत्रण रेखा से सटे विवादित स्थानों से हटने में ही भलाई समझी है। चीनी सेना (PLA Troops)  ने गत सोमवार से पीछे हटना शुरू किया और बुधवार को तीसरे दिन उसने गलवान घाटी (Galwan Valley) और हॉट स्प्रिंग को पूरी तरह से खाली कर दिया है। गलवान घाटी (Galwan Valley) में बनाए गए तंबू और ढांचे भी हटा दिए गए हैं। हॉट स्प्रिंग पेट्रोलियम प्वाइंट–15 से से 2 किलोमीटर पीछे हट गया है। पेट्रोलिंग प्वाइंट–17 से पीछे हटने की कार्रवाई चल रही है। कल या परसों यहां से चीनी सेना (PLA Troops)  पूरी तरह से पीछे हट जाएगी।

सूत्रों के अनुसार‚ पैंगोंग त्सो लेक के फिंगर 4 में भी हलचल हुई है। यहां चीनी सेना (PLA Troops)  मामूली रूप से पीछे हटी है। भारत के लिए यह बड़ी कामयाबी है‚ क्योंकि चीन ने फिंगर 4 तक ऑल वेदर रोड बना दी है और वहां अपनी चौकी भी स्थापित कर दी है। गत 5 मई को झगड़े की शुरुआत यहीं से हुई थी। चीन ने फिंगर 4 पर अपना दावा कर दिया था‚ जबकि चीन का दावा फिंगर–8 से पीछे फिंगर–12 तक है। फिंगर–8 में भारत और चीन की सेना दोनों ही पेट्रोलिंग करती थी‚ लेकिन उसने पहले फिंगर–8 पर अपनी सेना जमा की और फिंगर–4 पर अपना दावा कर लिया‚ क्योंकि भारतीय सेना (Indian Army) को फिंगर–4 तक जाने में कठिन चढ़ाई का सामना करना पड़ता है। इसलिए चीन वहां मजबूत स्थिति में था।

भारतीय सेना (Indian Army) फिंगर–4 पर संघर्ष कर रही थी कि उसने गलवान घाटी (Galwan Valley) पर मोर्चा खोल दिया और पेट्रोलिंग प्वाइंट–14 पर अपनी सेना खड़ी कर दी। 15 एवं 16 जून की रात को भारतीय सेना (Indian Army) के साथ खूनी संघर्ष के बाद गलवान घाटी (Galwan Valley) के नदी में टेंट लगा दिए और अस्थाई ढांचे भी खड़े कर दिए थे। 6‚ 22 और 30 जून को कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई और अंततः 4 जुलाई को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई बातचीत के आधार पर सेनाओं ने पीछे हटने की कार्रवाई शुरू कर दी।

 

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