भारत-चीन सीमा विवाद: भारतीय सेना ने नाकु-ला दर्रे पर जमाया कब्जा, चीनी सैनिकों को पीछे खदेड़ा

भारतीय सेना (Indian Army) और चीन की फौज के बीच गतिरोध के मध्य केंद्र सरकार ने भारत–चीन सीमा पर चल रही सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की और उनमें से 32 परियोजनाओं के काम में तेजी लाने का निर्णय लिया गया।

India China Clash

Indian Army Lt General Talks Held On Chinese Side Of Border

भारतीय सेना (Indian Army) ने सिक्किम के नाकुला दर्रे में चीनी सेना (PLA) की घुसपैठ को नाकाम कर दिया। सोशल मीडिया के जरिए एक वीडियो प्रसारित किया गया है‚ जिसमें चीनी सेना (PLA) और भारतीय सेना के बीच धक्का–मुक्की हुई है। यह वीडियो मई के महीने का है। भारतीय सेना (Indian Army) ने मजबूती से चीनी सैनिकों का मुकाबला किया और उन्हें पीछे हटने को मजबूर कर दिया। चीन गलवान घाटी में मोर्चा खोलने के साथ ही सिक्किम में भी मोर्चा खोलना चाहता था‚ लेकिन हमारे सैनिकों के अलर्ट रहने से उसकी साजिश नाकाम हो गई।

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पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी और पैंगोंग लेक को लेकर चीन के साथ चल रहे विवाद को दूर करने के लिए एक बार फिर लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बातचीत हुई। इसमें भारत का पक्ष था कि चीन को चार मई से पहले की स्थिति कायम करनी होगी। उसे पैंगोंग लेक के फिंगर 8 से पीछे हटना होगा और गलवान घाटी के पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 से दूर जाना होगा। चीन पैंगोंग लेक पर किए गए कब्जे को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है।

वायुसेना अध्यक्ष आर के एस भदौरिया भी लेह का हवाई सेना की तैयारियों का जायजा ले चुके हैं। चीन के साथ कोर कमांडर स्तर की यह दूसरी बैठक है। पिछले सप्ताह 15 और 16 जून की खूनी संघर्ष की रात के बाद लेफ्टिनेंट जनरल की यह महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक करीब आठ घंटे लंबी चली। यह बैठक चीनी कब्जे वाले चुशूल के मोल्डी में हुई। थल सेना सूत्रों के अनुसार बैठक में 14 कॉर्प्स के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरेंद्र सिंह ने भारत का पक्ष मजबूती से रखा और कहा कि चीनी सेना (PLA) को गलवान घाटी के पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 से दूर हटना होगा और पैंगोंग लेक के फिंगर आठ से पीछे जाना होगा।

चूंकि चीनी सेना (PLA) भी इस क्षेत्र पर अपना दावा करती है इसलिए वह पीछे हटने को तैयार नहीं है। चीन सीमा पर 32 रोड़ प्रोजेक्ट पर तेजी से होगा काम। भारतीय सेना (Indian Army) और चीन की फौज के बीच गतिरोध के मध्य केंद्र सरकार ने भारत–चीन सीमा पर चल रही सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की और उनमें से 32 परियोजनाओं के काम में तेजी लाने का निर्णय लिया गया। गृह मंत्रालय द्वारा बुलाई गई बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD)‚ सीमा सड़़क संगठन (BRO) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने भी हिस्सा लिया।

बैठक के बारे में एक अधिकारी ने बताया‚ चीन के साथ सीमा पर 32 सड़क परियोजनाओं पर काम शीघ्र किया जाएगा। सभी संबंधित एजेंसियां अपना सहयोग फास्ट ट्रैक परियोजानाओं को देंगी।

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