भारत ने पाकिस्तान से 4 भारतीयों को छोड़ने की अपील की, जानिए क्या है पूरा मामला

बंदी बनाए गए भारतीयों का नाम बिरजू दुंग, विज्ञान कुमार, सतीश भोग और सोनू सिंह है। इनमें से सोनू सिंह कराची जेल में हैं और बाकी के लोग लाहौर जेल में हैं।

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)

भारतीय उच्चायोग में फर्स्ट सेक्रेटरी अपर्णा रे ने ये याचिका दायर की है। इस याचिका में कहा गया है कि इन भारतीयों को बंदी बनाए रखना पाकिस्तान (Pakistan) के ही कानून का उल्लंघन है।

भारत-पाकिस्तान (Pakistan) के बीच जारी मतभेदों के दौरान भारत ने पाकिस्तान से 4 भारतीयों को छोड़ने की अपील की है। इसके लिए पाकिस्तान में मौजूद भारतीय उच्चायोग ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की है।

इन भारतीयों को पाकिस्तान (Pakistan) की सैन्य अदालतों ने जासूसी के आरोप में सजा सुनाई थी। इन भारतीयों की सजा पूरी हो गई है, लेकिन फिर भी इन्हें रिहा नहीं किया गया है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय उच्चायोग में फर्स्ट सेक्रेटरी अपर्णा रे ने ये याचिका दायर की है। इस याचिका में कहा गया है कि इन भारतीयों को बंदी बनाए रखना पाकिस्तान के ही कानून का उल्लंघन है, ऐसे में इन्हें फौरन रिहा किया जाना चाहिए। मामले की सुनवाई जस्टिस मोहसीन अख्तर करेंगे और पाक सरकार की तरफ से उनका पक्ष आंतरिक मंत्रालय रखेगा।

बंदी बनाए गए भारतीयों का नाम बिरजू दुंग, विज्ञान कुमार, सतीश भोग और सोनू सिंह है। इनमें से सोनू सिंह कराची जेल में हैं और बाकी के लोग लाहौर जेल में हैं।

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भारतीय उच्चायोग ने अपनी याचिका में कहा है कि बिरजू की सजा अप्रैल 2007, सोनू सिंह की सजा मार्च 2012, विज्ञान कुमार की सजा जून 2014 और सतीश भोग की सजा मई 2015 में खत्म हो चुकी है। ऐसे में इतने सालों तक इन्हें गलत तरीके से बंद करके रखा गया है।

बता दें कि पाकिस्तान ने इन भारतीयों पर जासूसी का आरोप लगाकर इन्हें जेल में बंद किया था। यही आरोप पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव पर भी लगाए थे।

अब भारत अपने 4 भारतीयों को छुड़वाने की पूरी कोशिश कर रहा है। भारत ने साफ कहा है कि इन चारों को अब बंदी बनाए रखना गलत है और इन्हें तुरंत रिहा किया जाए। भारतीय उच्चायोग ने ये भी कहा है कि उसने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को कई बार पत्र लिखा, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं दिया गया।

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