चीन के JF-17 से ज्यादा ताकतवर है स्वदेशी ‘तेजस’, मार्च, 2024 से वायुसेना को शुरू हो जाएगी आपूर्ति

भारतीय वायुसेना को स्वदेशी तेजस हल्के लड़ाकू विमान (Tejas Light Combat Aircraft) की आपूर्ति मार्च, 2024 से शुरू हो जाएगी। कुल 83 विमानों की आपूर्ति होने तक हर साल करीब 16 विमानों की आपूर्ति की जाएगी।

Tejas fighter jet

Tejas Light Combat Aircraft

कई देशों ने तेजस विमान (Tejas Light Combat Aircraft) खरीदने में रूचि दिखाई है और अगले कुछ सालों में पहला निर्यात ऑर्डर मिलने की संभावना है।

भारतीय वायुसेना को स्वदेशी तेजस हल्के लड़ाकू विमान (Tejas Light Combat Aircraft) की आपूर्ति मार्च, 2024 से शुरू हो जाएगी। कुल 83 विमानों की आपूर्ति होने तक हर साल करीब 16 विमानों की आपूर्ति की जाएगी। यह जानकारी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आर. माधवन ने 24 जनवरी को दी।

माधवन ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि कई देशों ने तेजस विमान (Tejas Light Combat Aircraft) खरीदने में रूचि दिखाई है और अगले कुछ सालों में पहला निर्यात ऑर्डर मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि तेजस मार्क 1ए विमान का प्रदर्शन चीन के जेएफ-17 की तुलना में ज्यादा उत्कृष्ट है क्योंकि इसका इंजन, रडार प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध सुइट बेहतर है। इसके अलावा इसकी पूरी प्रौद्योगिकी बेहतर है। सबसे बड़ा अंतर हवा से हवा में ईंधन भरने का है, जो कि प्रतिद्वंद्वी विमान में मौजूद नहीं है।

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एचएएल के अध्यक्ष के मुताबिक, तेजस के हर लड़ाकू संस्करण की कीमत 309 करोड़ रुपए होगी। वहीं, प्रशिक्षण विमान 280 करोड़ रुपए में मिलेगा। 48 हजार करोड़ की कुल लागत में 2500 करोड़ रुपए डिजाइन और विकास लागत है, जो एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी को दिया जाएगा। करीब 2250 करोड़ रुपए विदेशी मुद्रा विनिमय दर के लिए रखा गया है।

माधवन ने कहा कि विमान (Tejas Light Combat Aircraft) की मूल लागत 25 हजार करोड़ रुपये है जबकि 11 हजार करोड़ रुपये का इस्तेमाल हवाई अड्डों पर सहायक उपकरण एवं अन्य ढांचे के विकास में इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं करीब सात हजार करोड़ रुपये सीमा शुल्क और जीएसटी पर खर्च होगा।

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तेजस एमके-1ए सक्रिय इलेक्ट्रॉनिक स्कैंड राडार, मिसाइल की दृश्यता सीमा से परे की तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक सुइट और हवा से हवा में ईंधन भरने की प्रणाली से लैस होगा। इस सौदे के लिए एचएएल और भारतीय वायुसेना के बीच पांच फरवरी को एयरो इंडिया प्रदर्शनी में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मौजूदगी में औपचारिक दस्तखत होने की संभावना है।

माधवन ने कहा कि ढांचागत विकास और विमान की आपूर्ति के लिए तीन वर्ष की सामरिक समय-सीमा है। हम समय-सीमा का पालन करेंगे। पहले विमान (Tejas Light Combat Aircraft) की आपूर्ति मार्च, 2024 में होने की संभावना है।

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बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) ने भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता को और मजबूत बनाने के लिए 13 जनवरी को 48 हजार करोड़ रुपये की लागत से एचएएल से 73 तेजस एमके-1ए विमान और दस एलसीए तेजस एमके-1 प्रशिक्षण विमान खरीदने की मंजूरी दी थी।

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