कोरोना से जंग: दवाओं-मशीनों के लिए सरकार ने दिया 14 हजार करोड़ का पैकेज

कोरोना वायरस (Coronavirus) के खतरे को देखते हुए देश के अंदर महत्वपूर्ण दवाओं और चिकित्सा उपकरणों का उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने 14 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार को यह बात दवा उद्योग के व्यवसायियों से कहा कि कोविड–19 (Coronavirus) के लिए आरएनए नैदानिक (डॉयग्नोस्टिक) उपरकणों के निर्माण पर युद्ध स्तर पर काम करने के लिए जरुरी है।

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कोरोना से बचने के लिए मास्क बनाने वाली फैक्ट्री का प्रतिकात्मक तस्वीर

सरकारी बयान के मुताबिक वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से दवा उद्यमियों के साथ वार्ता में मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि उद्योग जगत को न केवल आवश्यक दवाओं‚ चिकित्सकीय उपकरणों की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए बल्कि उसे नए और अन्वेषी समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि सरकार एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स (एपीआई) की आपूर्ति बनाए रखने में उद्योग की सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने देश के अंदर इस तरह के एपीआई के निर्माण की महत्ता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि देश में महत्वपूर्ण दवाओं और चिकित्सा उपकरणों का उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने क्रमशः 10 हजार करोड़ रुपए और 4 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं को मंजूरी दी है। ड्रग पार्क बनाने पर 3000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एपीआई को बढ़ावा देने के लिए 6900 करोड़ रुपये खर्च होंगे। देश के 4 राज्यों में 3420 करोड़ रुपये मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने पर खर्च किये जायेंगे।

मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि कोविड़–19 (Coronavirus) की चुनौती से लड़ने में दवा उत्पादकों और वितरकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने दवा के खुदरा विक्रेताओं और फार्मासिस्टों से कहा कि सुनिश्चित करें कि दवाओं की कालाबाजारी और जमाखोरी से बचा जा सके और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति बनी रहे।

सरकार ने बताया कि देश में दवा बनाने के लिए 80 प्रतिशत एपीआई दूसरे देशों से मंगाए जाते हैं। फार्मा में इस पैकेज में सरकार कुल 14 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी।

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