3 दिन की यात्रा पर बीजिंग में हैं विदेश मंत्री एस. जयशंकर, कश्मीर मुद्दे पर भी हुई चर्चा

11 अगस्त को चीन की राजधानी पहुंचे जयशंकर ने चीनी उपराष्ट्रपति वांग क्विशान से झोंग्ननहाई से उनके आवासीय परिसर में मुलाकात की। बाद में उन्होंने विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक की, जिसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक हुई।

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विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर चीन की 3 दिन की अहम यात्रा पर बीजिंग में हैं। यहां उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग ली से मुलाकात की।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर किए गए भारत के फैसले की दुनियाभर में चर्चा है। इस बीच विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर चीन पहुंचे हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर चीन की 3 दिन की अहम यात्रा पर बीजिंग में हैं। यहां उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग ली से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच इस मुलाकात में कई मुद्दों पर बात हुई। इस दौरान भारतीय विदेश मंत्री ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद हैं, लेकिन वह इन मतभेदों को विवाद नहीं बनने देंगे।

बीजिंग ने साफ किया है कि वह जम्मू-कश्मीर में तनाव और इसकी जटिलताओं पर ‘करीबी नजर’ रख रहा है। जबकि, नई दिल्ली की तरफ से यह दोहराया गया कि दोनों देशों के नेतृत्व के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि द्विपक्षीय मतभेद को विवाद नहीं बनने दिया जाएगा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 12 अगस्त को कहा कि ऐसे वक्त में जब पूरी दुनिया अनिश्चितता की स्थिति का सामना कर रही है तब भारत-चीन संबंधों को स्थिरता का परिचायक होना चाहिए।

11 अगस्त को चीन की राजधानी पहुंचे जयशंकर ने चीनी उपराष्ट्रपति वांग क्विशान से झोंग्ननहाई से उनके आवासीय परिसर में मुलाकात की। बाद में उन्होंने विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक की, जिसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक हुई। गौरतलब है कि विदेश मंत्री का यह दौरा उस वक्त हुआ है जब पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के मसले पर दुनियाभर की मदद मांग रहा है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी इस मामले पर हाल ही में चीन पहुंचे थे। लेकिन चीन ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देने से इंकार कर दिया था।

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