किसानों, मजदूरों, रेहडी-पटरीवालों और मोबाइल-मोटर मैकेनिकों को आर्थिक मदद, सरकार ने उठाये ये कदम

वित्त मंत्री (Finance Minister) ने कहा कि हाउसिंग सेक्टर के लिए 70 हजार करोड़ का बढ़ावा देने वाली योजना लाएंगे। 6 लाख से 18 लाख तक आय वालों को इसका लाभ मिलेगा। 2.5 लाख मध्यम वर्ग के लोगों को फायदा होगा।

Finance Minister

प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान आर्थिक पैकेज के दूसरे हिस्से में बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार ने किसानों‚ प्रवासी मजदूरों‚ शहरी गरीबों‚ रेहडी-पटरी वालों और स्कूटर‚ मोबाइल रिपेयरिंग करने वाले छोटे स्वरोजगार वालों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। सरकार ने इन वर्गों की मदद के लिए कुल नौ कदम उठाए हैं। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister) और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर की ओर से घोषित इन नौ कदमों में तीन कदम मजदूरों के जबकि दो किसानों के लिए हैं।

किसानों के लिए 30 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त फंड: इस पैकेज में किसानों पर खासी मेहरबानी की गई है। नाबार्ड के जरिए किसानों के लिए 30 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल की फंडिंग की जाएगी। इस राशि को तत्काल जारी किया जाएगा। इससे करीब तीन करोड़ किसानों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। यह योजना सीधे तौर पर ग्रामीण भारत एवं किसानों के फायदे के लिए है। 2.3 करोड़ किसान‚ जो पीएम किसान योजना में शामिल नहीं हैं‚ उन्हें भी किसान क्रेडिट कार्ड़ दिया जाएगा और 2 लाख करोड़ रुपए अतिरिक्त लोन की व्यवस्था की जाएगी। मछुआरों व पशुपालकों को भी पीएम किसान योजना में शामिल किया जाएगा।

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8 करोड़ मजदूरों को मुफ्त अनाजः लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित प्रवासी मजदूरों को अगले दो महीने तक प्रति सदस्य 5 किलो गेंहू या चावल और प्रति परिवार एक किलो चना दाल मुफ्त मिलता रहेगा। इसके लिए 3500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वित्तमंत्री (Finance Minister) ने कहा कि प्रवासी मजदूर जो वापस घर जा रहे हैं‚ उन्हें तेजी से मनरेगा योजना का लाभ पहुंचाया जा रहा है। मई 2019 के मुकाबले इस साल 50 फीसदी ज्यादा मजदूरों को इस योजना का लाभ मिल रहा है।

अफोर्डेबल रेंटल स्कीमः निजी क्षेत्र–कारखानों‚ उद्योगों को अपने मजदूरों‚ कामगारों के लिए सस्ते किराये में आवास उपलब्ध कराने की योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत कारखाने और उद्योग अपनी जमीन पर मकान बनाएं और कामगारों को किराए पर उपलब्ध कराएं। इसमें सरकार उनकी मदद करेगी। जहां सरकार के मकान खाली हो रहे हैं‚ उनको भी उद्योगों को दिया जा सकता है।

रेहडी-पटरी वालों को 5 हजार करोड़ की मददः लॉकडाउन में सड़कों के किनारे सामान बेचने वाले पूरी तरह से बेरोजगार हो गए हैं। उनके लिए सरकार ने 10 हजार रुपए कर्जा देने की योजना बनाई है। इससे 50 लाख रेहडी वालों को फायदा होगा। इनके लिए 5 हजार करोड़ की स्पेशल क्रेडिट फैसिलिटी दी जाएगी। शुरुआत में वर्किंग कैपिटल करीब 10 हजार रुपए मिलेंगे।

शिशु मुद्रा लोन में 2% ब्याज में छूटः छोटे स्वरोजगार करने वालों को सरकार ने 50 हजार रुपए तक के कर्ज पर 2 प्रतिशत ब्याज में छूट दी है। शिशु लोन में 50 हजार रुपये तक कर्जा ले सकते हैं। इससे पहले रिजर्व बैंक ने तीन महीने का मॉरिटोरियम दिया है। मॉरिटोरियम के बाद 2 फीसद सबवेंशन स्कीम यानी ब्याज में छूट का फायदा अगले 12 महीने के लिए होगा।

आवास क्षेत्र को बढ़ावाः वित्त मंत्री (Finance Minister) ने कहा कि हाउसिंग सेक्टर के लिए 70 हजार करोड़ का बढ़ावा देने वाली योजना लाएंगे। 6 लाख से 18 लाख तक आय वालों को इसका लाभ मिलेगा। 2.5 लाख मध्यम वर्ग के लोगों को फायदा होगा। हाउसिंग क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया है।

आदिवासियों के लिए कैम्पा फंड़ का इस्तेमालः आदिवासी इलाकों में रोजगार पैदा करने के लिए कैम्पा फंड़ से 6 हजार करोड़ लिए जाएंगे। इसमें वन प्रबंधन‚ प्लांटेशन आदि का काम लिया जाएगा।

शहरी गरीबों के लिए 11 हजार करोड़: शहरी गरीबों और प्रवासी मजदूरों के लिए केंद्र ने 11 हजार करोड़ रुपए की घोषणा की है। यह राशि आपदा राहत से खर्च की जा रही है। राज्यों से कहा गया है कि वे प्रवासी मजदूरों के रहने और खाने पीने का उचित प्रबंध करें। लॉकडाउन के दौरान उन्हें दिन में तीन बार का भोजन दिया जा रहा है।

देश एक राशन कार्ड: वित्त मंत्री (Finance Minister) ने कहा कि मजदूर देश के किसी भी कोने से राशन खरीद सकें‚ इसके लिए एक देश एक राशन कार्ड योजना शुरू की जा रही है। 23 राज्यों के 67 करोड़ लोगों को ‘एक राष्ट्र‚ एक राशन कार्ड’ योजना के दायरे में लाया जा चुका है। इसके तहत देश के 83 फीसदी राशन कार्डधारी आ चुके हैं। इसे अगस्त 2020 से लागू कर दिया जाएगा। मार्च 2021 तक सभी को इस योजना से जोड़ लिया जाएगा। इससे देश में कोई भी व्यक्ति किसी भी राज्य में उचित दर की दुकान से अपने हिस्से का राशन ले सकेगा।

गरीबों के नाम सरकार के पिटारे की महत्वपूर्ण बातें:

  1. रेहड़ी, पटरी और ठेले पर सामान बेचने वालों के लिए 5 हजार करोड़ की विशेष सुविधा, इनको 10 हजार रुपए प्रति व्यक्ति की सुविधा
  2. प्रवासी मजदूर और शहरी गरीबों को राहत पहुंचाने के लिए आपदा राहत फंड के माध्यम से 11000 करोड़ से अधिक की राशि राज्यों को उपलब्ध करवाई गई
  3. कृषि उत्पादों की खरीद के लिए 6700 करोड़ की वर्किंग कैपिटल भी राज्यों को उपलब्ध करवाई गई
  4. ढाई करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट के माध्यम से 2 लाख करोड़ कनसेशनल क्रेडिट की सुविधा दी जाएगी
  5. 3 करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को लाभ देने के लिए 30 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त सुविधा
  6. 3 करोड़ किसानों के लिए जो 4,22,000 करोड़ के कृषि ऋण का लाभ, 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड की मंजूरी दी है जिसकी लिमिट 25000 करोड़ होगी
  7. शेल्टर होम्स में रह रहे लोगों को तीन बार का भोजन उपलब्ध करवाया गया। 12000 NGO ने 3 करोड़ मास्क और 1,20,000 लीटर सेनिटाइजर का उत्पादन किया
  8. CLSS क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम की अवधि 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया है। इसमें 70000 करोड़ की इन्वेस्टमेंट से ढाई लाख से ज्यादा परिवारों को लाभ मिलेगा।
  9. 50 लाख फेरीवालों के लिए 5000 करोड़ दिए जाएंगे। शुरुआत में वर्किंग कैपिटल करीब 10 हजार रुपए मिलेंगे जिससे कारोबार की शुरुआत हो सके।
  10. मिडल इनकम ग्रुप जिनकी आय 6-18 लाख प्रति वर्ष है उनको हाउसिंग सेक्टर में लाभ देने के लिए 70000 करोड़ की योजना
  11. MUDRA शिशु ऋण श्रेणी को 3 करोड़ लोगों के लिए 1500 करोड़ रुपए, ब्याज में 2% राहत देने की योजना
  12. वन नेशन–वन राशन कार्ड की योजना पर काम होगा। हर राज्य किसी भी उचित मुल्य की दुकान से राशन खरीदने की सुविधा
  13. प्रवासी मजदूरों को मुफ्त में भोजन सामग्री मिलेगी। इन मजदूरों को 5 किलो गेहूं/चावल और एक किलो दाल मिलेगी और किफायती किराया आवास योजना की शुरुआत 
  14. घर वापस जा रहे प्रवासी मजदूर को तेजी से मनरेगा योजना का लाभ पहुंचाया जा रहा है। मई 2019 के मुकाबले इस साल 50 फीसदी ज्यादा मजदूरों को इस योजना का लाभ मिल रहा है।
  15. सभी कामगारों को नियोजन–पत्र (एम्प्लाइमेंट ऑफर लेटर) दिया जाएगा

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