जानी-मानी कैंसर विशषज्ञ और ‘पद्म विभूषण’ डॉ. वी शांता का निधन, पीएम मोदी ने ट्वीट कर जताया शोक

देश की जानी-मानी कैंसर विशषज्ञ और अद्यार कैंसर संस्थान (Adyar Cancer Institute ) की वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट एवं अध्यक्ष डॉक्टर वी शांता (Dr. V Shanta) का 19 जनवरी की सुबह निधन हो गया है।

Dr. V Shanta

Dr. V Shanta

डॉ. वी शांता (Dr. V Shanta) देश के उन डॉक्टरों में शामिल थीं, जिन्होंने कैंसर के इलाज को आम आदमी के लिए सुलभ कराया, उन्होंने कैंसर के क्षेत्र में गहन रिसर्च किया था।

भारत की जानी-मानी कैंसर विशषज्ञ और अद्यार कैंसर संस्थान (Adyar Cancer Institute ) की वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट एवं अध्यक्ष डॉक्टर वी शांता (Dr. V Shanta) का 19 जनवरी की सुबह निधन हो गया। वे 93 साल की थीं। जानकारी के अनुसार, 18 जनवरी की रात को लगभग नौ बजे सीने में दर्द की शिकायत के बाद डॉ. शांता को चेन्नई के अपोलो अस्पताल ले जाया गया था। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

डॉ. वी शांता (Dr. V Shanta) देश के उन डॉक्टरों में शामिल थीं, जिन्होंने कैंसर के इलाज को आम आदमी के लिए सुलभ कराया, उन्होंने कैंसर के क्षेत्र में गहन रिसर्च किया था। उन्हें 2005 में ‘रेमन मैग्सेसे पुरस्कार’ दिया गया था। वहीं, भारत सरकार ने साल 2015 में उन्हें ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया था। ‘नोबेल पुरस्कार’ प्राप्त वैज्ञानिक एस. चंद्रशेखर उनके मामा और प्रसिद्ध वैज्ञानिक तथा नोबेल पुरस्कार विजेता सी. वी. रमन उनके नाना के भाई थे।

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जानकारी के मुताबिक, 19 जनवरी की सुबह 3.55 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को ओल्ड कैंसर इंस्टीट्यूट परिसर में ले जाया गया है, जिसे उन्होंने अपने गुरु डॉ. कृष्णमूर्ति के साथ मिलकर बनवाया था। डॉ. शांता अस्पताल में भर्ती होने से पहले तक सक्रिय थीं।

उनके सहकर्मियों ने बताया कि वह कुछ दिनों से अच्छा महसूस नहीं कर रही थीं। महामारी के समय भी वे स्वास्थ्य संबंधी नई चुनौतियों को लेकर चिंतित थीं। उनका कैंसर इंस्टीट्यूट एक ऐसा संस्थान है जो समाज के सभी वर्ग के लोगों की उचित देखभाल करता है और उनकी आर्थिक क्षमता से इतर उन्हें बेहतर इलाज मुहैया कराता है। जो लोग इलाज का पैसा नहीं दे सकते हैं उन्हें मुफ्त में इलाज मुहैया करवाया जाता है।

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बता दें कि डॉ. वी शांता (Dr. V Shanta) का जन्म 11 मार्च, 1927 को चेन्नई में हुआ था। नेशनल गर्ल्स हाई स्कूल से प्राथमिक शिक्षा हासिल करने के बाद वह मेडिसीन के क्षेत्र में आईं। उन्होंने साल 1940 में एमबीबीएस की डिग्री ली। 1952 में वे डीजीओ बनीं और फिर साल 1955 में गायनीकोलॉजी में एमडी की डिग्री हासिल की। 

डॉ. शांता (Dr. V Shanta) के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने दुख जताया है। डॉ. शांता के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “डॉ शांता को शीर्ष गुणवत्ता वाली कैंसर देखभाल सुनिश्चित करने के उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए याद किया जाएगा। अद्यार, चेन्नई में कैंसर संस्थान गरीबों और दलितों की सेवा करने में सबसे आगे रहा है। मुझे 2018 में संस्थान की अपनी यात्रा याद है। डॉ. वी शांता के निधन से दुखी हूं। ऊं शांति।”

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वहीं, वित्त मंत्री डॉ. निर्मला सीतारमण ने भी डॉ. शांता के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि अदयार कैंसर संस्थान की चेयरपर्सन डॉ. वी शांता अब नहीं रहीं। हमेशा गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा में वह आगे रहीं। वह अस्पताल परिसर के भीतर ही एक कमरे में रहती थीं, कैंसर रोगियों का इलाज उनका एकमात्र लक्ष्य होता था। वह एक संत समान थीं, अब हमारे बीच नहीं रहीं। उन्हें हाथ जोड़कर नमन।

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