क्या 1965 में पाकिस्तान के साथ लड़ाई के दौरान मुस्लिम रेजीमेंट ने लड़ाई से मना किया था? जानें सच

क्या पाकिस्तान (Pakistan) के साथ युद्ध के दौरान मुस्लिम रेजीमेंट ने लड़ाई से मना किया था? ये सवाल इसलिए है क्योंकि सोशल मीडिया पर ये झूठ फैलाया जा रहा है।

Indian Army

सांकेतिक तस्वीर

सशस्त्र बलों के 120 रिटायर्ड अधिकारियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन सोशल मीडिया पोस्ट और उन्हें फैलाने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की गई है, जो ये अफवाह फैला रहे हैं कि 1965 में पाकिस्तान (Pakistan) के साथ लड़ाई के दौरान भारतीय सेना की मुस्लिम रेजीमेंट ने लड़ाई करने से इंकार कर दिया था।

अधिकारियों ने पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अपील की है कि वह उन लोगों की जांच करवाएं, जिन्होंने इस तरह के पोस्ट किए और ऐसे लोगों के साथ निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करें।

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इस पत्र पर पूर्व नौसेना अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण रामदास, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल रामदास मोहन, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल आरके नानावटी, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विजय ओबराय और अन्य लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।

पत्र में कहा गया है कि अफवाहें हमारी सेना के लिए और हमारे देश के लिए हानिकारक हैं। इससे सेना की छवि पर बुरा असर पड़ेगा।

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