दिल्ली में कोराना संक्रमण ने तोड़े अब तक के सारे रिकॉर्ड, हर दिन आ सकते हैं 15,000 केस; क्या है सरकार की तैयारी

कोरोना के मामलों ने दिल्ली (Delhi) में पिछले 24 घंटे में अभी तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 29 अक्टूबर को दिल्ली में कोविड-19 (COVID-19) के 5,739 नए मामले सामने आए। यह एक दिन में दर्ज किया गया अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

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विशेषज्ञों ने कहा था कि आने वाले महीनों में हर दिन COVID-19 के लगभग 15,000 नए मामलों के लिए दिल्ली (Delhi) को तैयार करने की आवश्यकता है।

कोरोना के मामलों ने दिल्ली (Delhi) में पिछले 24 घंटे में अभी तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 29 अक्टूबर को दिल्ली में कोविड-19 (COVID-19) के 5,739 नए मामले सामने आए। यह एक दिन में दर्ज किया गया अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके साथ ही राजधानी में संक्रमण के मामलों की संख्या 3.75 लाख से अधिक पहुंच गई है। अब यहां कोरोना संक्रमण के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 3,75,753 हो गई है।

शहर में यह लगातार दूसरा दिन है जब एक दिन में 5,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इससे पहले, 28 अक्टूबर को इस महामारी के 5,673 मामले दर्ज किए गए थे। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, कोरोना महामारी से 27 और मरीजों की मौत होने के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में मृतकों की संख्या 6,423 पहुंच गई है। 29 अक्टूबर को 30,952 मरीजों का इलाज चल रहा था।

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इस बीच दिल्ली (Delhi) के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि AAP सरकार ने शहर में आक्रामक तरीके से ट्रेसिंग और टेस्टिंग करके कोरोना के खिलाफ अपनी रणनीति को बदल दिया है। बड़ी संख्या में हो रही टेस्टिंग के कारण ही पिछले कुछ दिनों में कोरोना के मामलों में अचानक से तेजी देखी गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान में जो भी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव निकलता है, उसके पूरे परिवार की और उसके करीबियों की टेस्टिंग की जाती है। ये भी एक बार नहीं बल्कि दो-दो बार किया जाता है। उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि दिल्ली (Delhi) में कोरोना के एक भी केस न बचे।

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विशेषज्ञों द्वारा प्रति दिन 15,000 कोरोना मामलों के आंकड़े के बारे में पूछे जाने पर जैन ने कहा, “विशेषज्ञों द्वारा कोरोना के रोजाना मिलने वाले नए आंकड़ों का अनुमान लगाया गया है, लेकिन यह उस स्तर तक नहीं पहुंच सकता है। हालांकि, हम चाहते हैं कि इसके लिए पूरी तरह से तैयार रहें।”

दिल्ली में 28 अक्टूबर तक 10,100 बेड खाली थे। यानी दिल्ली केस के बढ़ने की स्थिति में उससे निपटने की तैयारी पूरी है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री जैन ने कहा कि COVID-19 परीक्षण के लिए सबसे बेहतर मानक माने जाने वाले RT-PCR टेस्टिंग की संख्या भी राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ी है। जैन ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले दिल्ली में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा कम है।

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जैन ने कहा, “अगर हम 10 दिनों के औसत को देखें, तो दिल्ली में कोरोना का मृत्यु दर 0.99 प्रतिशत है। वहीं यहां कुल मामलों का मृत्यु दर 1.73 प्रतिशत है।”

बता दें कि विशेषज्ञों ने कहा था कि आने वाले महीनों में दिल्ली (Delhi)  में हर दिन 15,000 कोरोना के मामले आ सकते हैं। सर्दी के मौसम में सांस की समस्याओं, बाहर से आने वाले मरीजों की बड़ी तादात और बड़े उत्सव समारोहों को ध्यान में रखते हुए, प्रतिदिन कोविड-19 के लगभग 15,000 नए मामलों के लिए दिल्ली को तैयार करने की आवश्यकता है।

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एनसीडीसी की रिपोर्ट में इसको बात को लेकर आगाह किया गया था। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समूह के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में दिल्ली सरकार (Delhi Government) से इसके लिए व्यवस्था करने की सिफारिश की गई थी।

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एनसीडीसी ने अपनी ‘कोविड-19 के नियंत्रण के लिए संशोधित रणनीति के संस्करण 3.0’ में यह भी बताया गया कि दिल्ली में समग्र कोविड-19 मामले में मृत्यु दर 1.9 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 1.5 प्रतिशत से अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया था कि जहां तक संभव हो मृत्यु दर को कम करना महामारी के प्रबंधन के प्रमुख उद्देश्यों में से एक होना चाहिए।

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