CRPF इंस्पेक्टर का सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, कोरोना से साथियों को बचाने के डर से की थी खुदकुशी

सीआरपीएफ (CRPF)  इंस्पेक्टर फतेह सिंह की तबीयत थोड़ी खराब हो गई थी, ऐसे में उन्हें शक हुआ कि कहीं ये बीमारी कोरोना संक्रमण के कारण तो नहीं हो गई, ऐसे में ये संक्रमण कहीं उनके जरिए अन्य साथियों को भी ना हो जाये।

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CRPF के अधिकारियों की उपस्थिति में शहीद फतेह सिंह के पैतृक गांव सगरा में पुत्र ने दी मुखाग्नि

जम्मू–कश्मीर के अनंतनाग जिले के मटन इलाके में तैनात सीआरपीएफ (CRPF) में सब-इंस्पेक्टर फतेह सिंह (53) की मौत के चार दिन बाद उनके शव का सैन्य सम्मान के साथ शनिवार को जैसलमेर जिले के उनके पैतृक गांव सगरा में अंतिम संस्कार किया गया।

सीआरपीएफ (CRPF)  एएसआई फतेह सिंह की तबीयत थोड़ी खराब हो गई थी, ऐसे में उन्हें शक हुआ कि कहीं ये बीमारी कोरोना संक्रमण के कारण तो नहीं हो गई, ऐसे में ये संक्रमण कहीं उनके जरिए अन्य साथियों को भी ना हो जाये। इसीलिए उन्होंने इस जानलेवा से अपने यूनिट के साथियों को बचाने के लिए खुद ही सुसाइड कर लिया।

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गौरतलब है कि लाठी क्षेत्र के सगरा गांव निवासी फतेहसिंह जम्मू–कश्मीर के आतंकवाद से प्रभावित अनंतनाग जिले के मटन इलाके में आंतरिक सुरक्षा की ड्यूटी में अर्द्ध सैनिक बल सीआरपीएफ (CRPF) की बटालियन में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे।

सोमवार दोपहर परिजनों को सीआरपीएफ (CRPF) के उच्च अधिकारियों की ओर से सूचना दी गई कि फतेहसिंह ने स्वयं को कोरोना से ग्रसित होने की आशंका व भय के मद्देनजर घाटी में ही ड्यूटी पर तैनाती के दौरान अपने सरकारी हथियार से फायर कर आत्महत्या कर ली।

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