अस्पताल के डॉक्टरों-नर्सों को जान से मारने की धमकी दे रहे मरकज से आए जमाती

कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण की समस्या को विकराल बना रहे निजामुद्दीन इलाके के तब्लीगी मरकज के लोग अपने उपचार के लिए सहयोग प्रदान करने की बजाए डॉक्टरों को बाहर निकलकर देख लेने की धमकी दे रहें हैं।

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राजधानी में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण की समस्या को विकराल बना रहे निजामुद्दीन इलाके के तब्लीगी मरकज के लोग अपने उपचार के लिए सहयोग प्रदान करने की बजाए डॉक्टरों को बाहर निकलकर देख लेने की धमकी दे रहें हैं। इनमें से कुछ लोगों ने डॉक्टरों पर खांस और थूकने की भी कोशिश की। मरकज के लोग डॉक्टरों को जान से मारने की धमकी देते हुए पूंछ रहे हैं कि उन्हें किसके कहने पर अस्पताल लाया गया है‚ हम कोरोना वायरस जैसी बीमारी को नहीं मानते हैं।

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लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. जेसी पासी ने हालात को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल में क्वारंटीन किए गए इस प्रकार के लोगों से चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती करवाकर नर्सिंग स्टाफ में महिलाओं के स्थान पर पुरूषों के लगाया है।

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उनके मुताबिक अस्पताल में हर संभव सुविधा प्रदान करने के बावजूद यह लोग उपचार में सहयोग नहीं कर रहे। कुछ लोगों का व्यवहार काफी खराब है। सुरक्षा के लिए अस्पताल के तीनों ब्लॉक में (जहां इन्हें क्वारंटीन किया है) पुलिस व अस्पताल के सुरक्षा गार्डों को नियुक्त किया गया है।

गौरतलब है कि लोकनायक अस्पताल में भर्ती तब्लीगी मरकज जमात से जुड़े 188 मरीजों में से 24 कोरोना (Coronavirus) पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके अलावा अस्पताल में 21 अन्य मरीज भी भर्ती हैं‚ जिनमें से 9 मरीज कोरोना पाए गए हैं। इसके अलावा अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि मरकज से आए लोग डॉक्टरों के साथ मारपीट कर रहे हैं।

इसी के बाद भारत सरकार के गृहमंत्रालय ने दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मरकज में शामिल लोगों और संचालकों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं साथ ही जमात में शामिल होने आए करीब 900 विदेशी जमातियों को ब्लैकलिस्ट करके उनके पर्यटक वीजा को भी रद्द कर दिया है। 

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