प्रजातंत्र में सिर्फ सुरक्षाबलों को ही हथियार उठाने का अधिकार: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने कहा है कि प्रजातंत्र में सिर्फ सुरक्षाबलों को ही हथियार उठाने का अधिकार है। यह अधिकार किसी और को नहीं मिल सकता है।

Bhupesh Baghel

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने कहा है कि प्रजातंत्र में सिर्फ सुरक्षाबलों को ही हथियार उठाने का अधिकार है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने कहा है कि प्रजातंत्र में सिर्फ सुरक्षाबलों को ही हथियार उठाने का अधिकार है। यह अधिकार किसी और को नहीं मिल सकता है। नक्सली भारत के संविधान में आस्था जताएं तो हम उनसे बात करने को तैयार हैं।

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (फाइल फोटो)।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने कहा है कि प्रजातंत्र में सिर्फ सुरक्षाबलों को ही हथियार उठाने का अधिकार है। यह अधिकार किसी और को नहीं मिल सकता है। नक्सली भारत के संविधान में आस्था जताएं तो हम उनसे बात करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा ‘हमारा उद्देश्य लोगों का विश्वास जीतकर नक्सलवाद का खात्मा करने का है। लोगों में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है।’

मुख्यमंत्री ने नए साल 2020 में छत्तीसगढ़ के विकास की कल्पना को भी बयां किया। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिका व्यक्ति के विकास है। किसानों को दाम मिले, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा मिले यह हमारी प्राथमिकता होगी। हम योजनाएं भी इसी को ध्यान में रखकर बना रहे हैं। उद्योग, पर्यटन, कृषि इन महत्वपूर्ण सेक्टरों में काम करने की तैयारी है, जिसका असर लोगों को आने वाले दिनों में दिखेगा।

मुख्यमंत्री (Bhupesh Baghel) ने कहा ‘हम समृद्ध छत्तीसगढ़ बनाना चाहते हैं, जिसकी कल्पना हमारे पुरखों ने की थी। आज कुपोषण से हमारे राज्य के बच्चे और एनिमिया से हमारे प्रदेश की महिलाएं ग्रसित हैं। यह दयनीय स्थिति है, हम समृद्ध छत्तीसगढ़ की बात करते हैं। जब हमारे बच्चे ही कमजोर होंगे, महिलाएं ही कमजोर होंगी तो कैसे हम समृद्ध राज्य बना सकते हैं। मैं यह कहता हूं कि हमारे यहां नक्सलवाद से बड़ी, परेशानी कुपोषण और एनिमिया है। यदि 40 प्रतिशत आबादी कमजोर है तो हम कतई समृद्ध की नहीं हो सकते।’ बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे और प्रदेश के विकास के लिए तत्पर है। सरकार की योजनाएं भी सकारात्मक असर दिखा रही हैं।

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