Chhattisgarh: नक्सलियों पर जबरदस्त प्रहार की तैयारी, सीएम बघेल ने आला अफसरों के साथ बनाई ये रणनीति

सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार की विश्वास, विकास और सुरक्षा की नीति से नक्सली बैकफुट पर आए हैं। आने वाले समय में हम नक्सलियों को घेरने में सफल होंगे और नक्सलवाद (Naxalism) समाप्ति की ओर तेजी से बढ़ेंगे।

CM Bhupesh Baghel

फाइल फोटो।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में नक्सलियों (Naxals) पर जबरदस्त प्रहार शुरू होने वाला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) की अध्यक्षता में यूनिफाइड कमांड की बैठक न्यू सर्किट हाउस में 28 जनवरी की शाम को हुई। बैठक में नक्सल विरोधी अभियान की रूपरेखा पर चर्चा हुई और विकास कार्यों की समीक्षा की गई।

बैठक के बाद सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार की विश्वास, विकास और सुरक्षा की नीति से नक्सली बैकफुट पर आए हैं। आने वाले समय में हम नक्सलियों को घेरने में सफल होंगे और नक्सलवाद (Naxalism) समाप्ति की ओर तेजी से बढ़ेंगे। राज्य और केंद्रीय फोर्स बहुत अच्छे समन्वय के साथ काम कर रही है। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि मिलकर संयुक्त आपरेशन चलाया जा रहा है। हमारी सरकार बनने से पहले तक यहां नक्सलवाद (Naxalism) से निपटने के लिए कोई नीति नहीं थी। हमने विश्वास, विकास और सुरक्षा की जो नीति अपनाई है उसका असर दिख रहा है। नक्सली बैकफुट पर हैं। आने वाले समय में हम उन्हें घेरने में भी सफल होंगे।

बस्तर (Bastar) के दो दिवसीय दौरे से लौटने के बाद यूनिफाइड कमांड की बैठक में मुख्यमंत्री बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने आला अधिकारियों को ऑपरेशन में तेजी लाने का निर्देश दिया।

इस बैठक में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, केंद्रीय गृह विभाग के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार के. विजय कुमार के अलावा मुख्य सचिव अमिताभ जैन, डीजीपी डीएम अवस्थी, गृह विभाग के एसीएस सुब्रत साहू, स्पेशल डीजी आरके विज, अशोक जुनेजा के अलावा सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी के आला अफसर मौजूद रहे।

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बता दें कि राज्य में नक्सलियों पर कड़े प्रहार के लिए सीआरपीएफ (CRPF) की पांच बटालियन भी आ चुकी है। ओडिशा के जिन-जिन रास्तों से नक्सली सीमा पार कर जाते हैं, उन सभी रास्तों पर जवानों की तैनाती होगी। यह अभियान लगातार पांच महीने तक चलेगा, जब तक कि बरसात शुरू नहीं हो जाती। इसी बीच नए इलाकों में कैंप खोलकर उन्हीं की मदद से नक्सलियों को घेरा जाएगा।

इतना ही नहीं, महाराष्ट्र, तेलंगाना और ओडिशा के उन रास्तों को भी पुलिस कब्जे में लेने जा रही है, जिनके जरिए नक्सली यहां की पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को चकमा देकर भाग जाते हैं। इसलिए सुरक्षा बल छापामार शैली में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाएंगे। इसके अलावा छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना व महाराष्ट्र सभी राज्य मिलकर भी ज्वाइंट ऑपरेशन चलाएंगे।

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गौरतलब है कि सीआरपीएफ (CRPF) की पांच नई बटालियन के लिए हाल ही में राज्य सरकार ने अनुपूरक बजट में पांच करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से पीएचक्यू ने कैंप के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। ऐसे स्थान पर कैंप लगाए जाने हैं, जो नक्सलियों का रास्ता है। इससे जंगल के भीतर नक्सलियों की आवाजाही आसान न हो और वे बड़ी संख्या में एक जगह इकट्ठा न हो सकें। इसके अलावा इन कैंप का लांच पैड के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।

उल्लेखनीय है कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान के साथ ही प्रदेश के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। नक्सलियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के साथ बस्तर के युवाओं को विकास और रोजगार से जोड़ने की रणनीति है। सीएम बघेल इसके लिए काफी गंभीर हैं। दो महीने में ही उनका दो बार दौरा हो चुका है।

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सीएम (CM Bhupesh Baghel) ने बस्तर दौरे में यह कहकर भी कड़ा संदेश दिया है कि नक्सली (Naxali) अपने रास्ते से भटक गए हैं। अब वे सुपारी किलिंग कर रहे हैं। आदिवासियों का नक्सलियों से भरोसा कम हुआ है। सरकार के प्रति आदिवासियों का भरोसा बढ़ा है। अब बस्तर के भोले-भाले आदिवासी नक्सलियों के झांसे में नहीं आने वाले हैं।

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