जम्मू और श्रीनगर एयरपोर्ट की सुरक्षा अब से CISF के मजबूत कंधों पर, जानें मुख्य वजह

जम्मू–कश्मीर (Jammu Kashmir) के हवाई अड्डों को सुरक्षा कारणों के चलते केंद्रीय औद्योगिक बल (CISF) के हवाले कर दिया गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने यह कदम हवाई अड्डे़ को आतंकियों की ओर से मिल रही धमकियों (Terror Threats) के चलते उठाया है। एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया के जम्मू निदेशक डॉ परवत रजन बेउरिया की ओर से सीआईएसएफ (CISF) के जवानों व अफसरों के लिए एक साधा औपचारिक स्वागत कार्यक्रम रखा गया।


सूत्रों का कहना है कि जिस प्रकार देश के अन्य कई हवाई अड्डों के अलावा दिल्ली की मेट्रो रेल (Delhi Metro) आदि को सुरक्षा की दृष्टि से जिम्मेदारी सीआईएसएफ (CISF) को सौंपी हुई है। उसी प्रकार जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के दोनों हवाई अड्डे सीआईएसएफ (CISF) को सौंपे जाने की कवायद का हिस्सा है।

लेकिन इसमें तेजी तब आई जब श्रीनगर एयरपोर्ट पर तैनात राज्य पुलिस की एंटी हाई जैकिंग विंग के डीएसपी देवेंद्र सिंह को दक्षिण कश्मीर में तीन आतंकियों के साथ पकड़ा गया था। डीएसपी देवेंद्र सिंह श्रीनगर एयरपोर्ट पर एंटी हाई जेकिंग विंग का प्रमुख था। जिसे बाद में सस्पेंड कर दिया गया।

बताते चलें कि करीब तीन दशक से ज्यादा वक्त से इस एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस के साथ–साथ सीआरपीएफ (CRPF) के पास थी।

जम्मू, श्रीनगर और लेह के हवाई अड्डों की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक हथियारों से लैस CISF के 800 जवानों की नियुक्ति की जाएगी। जम्मू और श्रीनगर के एयरपोर्ट को अत्यंत संवेदनशील केटेगरी में रखा गया है। जबकि लेह एयरपोर्ट को संवेदनशील की केटेगरी में रखा गया है। इन हवाई अड्डों पर जवानों की नई तैनाती के लिए एक हाईटेक कमान और खुफिया एजेंसियों का नियंत्रण स्थापित किया जाएगा। 

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p style=”text-align: justify;”>इस मौके पर सीआईएसएफ (CISF) के आईजी बिक्रम सिंह‚ जम्मू एयरफोर्स स्टेशन के एयरकोमोडोर ए. एस. पठानिया के अलावा विभिन्न एयरलाइंस और राज्य पुलिस के भी कई अधिकारी मौजूद थे।

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