गलवान घाटी में मारे गए अपने सैनिकों का अपमान कर रहा चीन, जवानों के परिवार में रोष

सीमा पर हमारा एक जवान भी शहीद होता है तो देश के बच्चे-बच्चे का खून खौल उठता है। सारा देश एक साथ खड़ा हो जाता है, उस सैनिक और उसके परिवार के साथ। पर, कई देश ऐसे हैं जहां के सैनिकों को यह सम्मान नसीब नहीं होता।

PLA

फाइल फोटो।

देश पर जान कुर्बान कर देने वाले सैनिकों के बलिदान का कोई मोल नहीं होता। सरहद पर निगेहबानी करने वाले ये सैनिक सबसे ऊपर अपने वतन को रखते हैं। इन जांबाजों के लिए अपने परिवार से भी पहले उनका मुल्क होता है। जब देश पर जान लुटाने का वक्त आता है, तब वे बिना एक पल सोचे हंसते-हंसते अपनी मिट्टी के लिए कुर्बान हो जाते हैं। अपने खून के एक-एक कतरे से अपनी मिट्टी को सींचने वाले इन जवानों का कर्ज कभी नहीं उतारा जा सकता।

भारत में सैनिक और सैनिकों के बलिदान के सम्मान का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सीमा पर हमारा एक जवान भी शहीद होता है तो देश के बच्चे-बच्चे का खून खौल उठता है। सारा देश एक साथ खड़ा हो जाता है, उस सैनिक और उसके परिवार के साथ। पर, कई देश ऐसे हैं जहां के सैनिकों को यह सम्मान नसीब नहीं होता। ऐसा ही एक देश है चीन। चीन (China) में सैनिकों के बलिदान और उनके परिवार का सम्मान करना तो दूर है, वहां जनता को उन सैनिकों के नाम तक नहीं बताए जाते हैं जो देश के लिए लड़ते हुए शहीद होते हैं।

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हाल ही में लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan valley) में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास भारतीय और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों की हिंसक झड़प में चीनी सैनिक भी मारे गए। 15 जून की रात हुई इस हिंसक झड़प में दोनों ही देशों के सैनिकों की जान गई। लेकिन, भारत की तरह चीन (China) अपने शहीद सैनिकों का सम्मान नहीं कर रहा। सीमा पर मारे गए चीनी सैनिकों के परिवार उनके लिए चीन की सरकार से उचित सम्मान की मांग कर रहे हैं। इन परिवारों में सरकार के खिलाफ गुस्सा है।

दरअसल, चीन में 2-3 दिन पहले एक वीडियो सामने आया था, जिसमें दिखाया गया था कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के जवानों के परिवार इस बात से नाराज हैं कि उनके शहीदों को कोई सम्मान नहीं मिला। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद चीन (China) ने शहीदों के सम्मान की मांग कर रहे चीनी सैनिकों के परिवारों को शांत करने की कोशिश की।

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चीन ने कहा कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के मारे गए सैनिकों के बारे में बाद में जानकारी दी जाएगी। हालांकि, चीन ने आधिकारिक रूप से अब तक यह स्वीकार नहीं किया है कि झड़प में उसके सैनिकों की मौत हुई थी।

चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी (Communist Party of China) के मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ के एडिटर हू शिजिन ने एक लेख में लिखा है- “सेना में सर्वोच्च सम्मान के साथ मृतकों के साथ व्यवहार किया गया है और यह जानकारी आखिर सही समय पर समाज को दी जाएगी, ताकि नायकों को सम्मानित किया जा सके और उन्हें याद किया जा सके।”

यह लेख उस वीडियो के सामने आने के दो दिन बाद लिखा गया है, जिसमें पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के मारे गए सैनिकों के परिजन आक्रोश प्रकट करते हुए भारत के शहीदों की तरह सम्मान मांग रहे थे। मारे गए चीनी सैनिकों के परिवार ने कहा कि भारत में शहीदों का बहुत सम्मान होता है, लेकिन यहां न तो कोई सम्मान दिया जाता है और न ही पहचान दी जाती है। हालांकि, ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने यह स्वीकार किया कि झड़प में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिक मारे गए थे, लेकिन उनकी संख्या 20 से कम होने का दावा किया है। जबकि शी जिनपिंग (Xi Jinping) सरकार ने इस बारे में अभी तक अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है।