छत्तीसगढ़: जंगल में जवानों को देख भागने लगे, घेराबंदी कर 2 नक्सलियों को दबोचा

कोरोना वायरस संक्रमण का खौफ और लॉकडाउन 4.0 के बीच भी सुरक्षा बलों का जवानों का एंटी नक्सल ऑपरेशन जारी है। ‘लाल आतंक’ पर शिकंजा कसने की सुरक्षा बलों की कोशिशें रंग ला रही हैं।

Naxalites

सुकमा में गिरफ्तार नक्सली।

कोरोना वायरस संक्रमण का खौफ और लॉकडाउन 4.0 के बीच भी सुरक्षा बलों का जवानों का एंटी नक्सल ऑपरेशन जारी है। ‘लाल आतंक’ पर शिकंजा कसने की सुरक्षा बलों की कोशिशें रंग ला रही हैं और अब छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)  के नक्सल प्रभावित सुकमा (Sukma) जिले में जवानों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।

यहां के भेज्जी थाना क्षेत्र के वीरा भट्टी इलाके में जिला बल, डीआरजी और एसटीएफ की टीम संयुक्त रूप से नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ सर्चिंग अभियान चलाने केलिए निकली थी। घने जंगलों में इन जवानों को देख एक युवक अचानक इधर-उधर भागने की कोशिश करने लगा। युवक पर संदेह होते ही जवानों ने जंगल में अच्छी तरह से घेराबंदी की और उसे पकड़ लिया।

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जवानों का दावा है कि इस युवक का नाम माड़वी दुला है। माड़वी दुला नक्सली संगठन का सदस्य है। भेज्जी और एलाड़मड़गू के पास पहले हुए जवानों पर हमले में माड़वी दुला शामिल रहा है।

जवानों को दूसरी सफलता मारोकी इलाके के पास गादेमपारा इलाके में मिली। यहां भी सर्च ऑपरेशन चला रहे जवानों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा और फिर उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ करने पर उसने अपनी पहचान दोईम उर्फ देवा बताया। देवा डीएकेएमएस का सदस्य है और पूर्व में वो मतदान पेटी लूटपाट में शामिल रहा है।

सुरक्षा बलों की मानें तो यह दोनों नक्सली वांछित थे। पुलिस ने इन दोनों से कड़ाई से पूछताछ कर कई अहम राज उगलवाए हैं। फिलहाल इन्हें जेल भेज दिया गया है।

आपको बता दें कि छत्तसीगढ़ में नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ सुरक्षा बल लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं। यहीं वजह है कि यहां नक्सलियों की कमर लगभग टुट चुकी है। यहां कई बड़े नक्सली (Naxali) या तो पकड़े जा चुके हैं या फिर उन्होंने सरेंडर कर दिया है। सरेंडर करने के बाद नक्सलियों (Naxalites) को सरकार के द्वारा बनाई गई नीतियों का लाभ भी मिला है।

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