छत्तीसगढ़: मुठभेड़ के कई घंटे बाद जिंदा धरा गया घायल नक्सली, हथियार भी बरामद

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में मंगलवार (30-06-2020) को पुलिस और नक्सिलयों के बीच हुई मुठभेड़ (Naxal Encounter) के बाद बुधवार को यहां प्रशासन को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस मुठभेड़ में घायल हुए एक नक्सली (Naxali) को गिरफ्तार कर लिया है।

Naxali

फाइल फोटो।

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में मंगलवार (30-06-2020) को पुलिस और नक्सिलयों के बीच हुई मुठभेड़ (Naxal Encounter) के बाद बुधवार को यहां प्रशासन को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस मुठभेड़ में घायल हुए एक नक्सली (Naxali) को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि जिले के जोब पुलिस चौकी अंतर्गत कटेमा के जंगल में देर रात पुलिस नक्सली मुठभेड़ में एक नक्सली घायल हुआ था।

उसके पास से एके-47 भी बरामद की गई है। नक्सली (Naxali)  दरेंकसा पीवीसी प्लाटून कमांडर बताया जा रहा है। 40 साल के इस नक्सली का नाम डेविड बताया गया है। फिलहाल उसे इलाज के लिए राजनांदगांव जिला अस्पताल लाया जा रहा है। घटना की पुष्टि करते हुए एएसपी जी एन बघेल ने बताया कि मुठभेड़ में रात्रि में ही नक्सली घायल हुआ था। उसका इलाज चल रहा है। नक्सलियों ने घटनास्थल पर दैनिक उपयोग की सामग्री छोड़ दी थी जिसे जब्त कर लिया गया है। घटना की जांच की जा रही है।

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आपको बता दें कि जिले के छुरिया क्षेत्र के जाब के जंगल में मंगलवार रात पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ (Naxal Encounter) हुई थी। जिसमें सुरक्षाबलों ने बड़ी मात्रा में नक्सली (Naxali) सामान जब्त किया था। वहीं, मुठभेड़ के दौरान जवाबी कार्रवाई भारी पड़ता देख माओवादी भाग खड़े हुए थे। राजनांदगांव एसपी जितेन्द्र शुक्ल ने बताया कि आईटीबीपी और डीएएफ की पुलिस पार्टी जाब चौकी से माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर सर्चिंग के लिए निकली थी।

पुलिस और नक्सलियों के बीच यह मुठभेड़ 25-30 मिनट तक चली थी। अंदेशा है कि नक्सलियों (Naxalites) की संख्या लगभग 9-10 थी। पुलिस अफसरों के अनुसार मुठभेड़ में फोर्स को किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। पुलिस की गोली से 2-3 नक्सलियों के मारे जाने की भी संभावना जताई जा रही है।

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आपको बता दें कि विभिन्न नक्सल प्रभावित राज्यों में अब नक्सलियों (Naxals) को चौतफा घेरने की तैयारी चल रही है। इसी के तहत छत्तीसगढ़ में हाल ही में सुरक्षा बलों ने शीर्ष से लेकर छोटे नक्सलियों तक की कुंडली तैयार की है। वर्गीकृत रूप से संगठन का अध्धयन और उनकी कार्यशैली की जानकारी गिरफ्तार या सरेंडर किए गए नक्सलियों से ली गई है। इसके अलावा झारखंड में भी हाल ही में राज्य के डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर नक्सलियों के खिलाफ ठोस रणनीति बनाने का आदेश दिया है।

पुलिस-प्रशासन की प्रभावी रणनीति ने नक्सलियों (Naxals) की कमर तोड़ने का काम किया है। यहीं वजह है कि नक्सलियों की संख्या अब सीमित होती जा रही है और वो अपने संगठन का वजूद बचाने के लिए भोले-भाले ग्रामीणों को बहला या धमकी देकर संगठन में शामिल करने की कोशिश में लगे हुए हैं।

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