Chhattisgarh: राजनांदगांव सहित सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी पुलिस की सख्ती, बैकफुट पर नक्सली

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के राजनांदगांव जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxal Area) में इन दिनों पुलिस (Police) का सर्च ऑपरेशन काफी तेज हो गया है। फोर्स नक्सल प्रभावित गांव के अलावा सीमावर्ती जंगलों तक घुस रही हैं और तलाशी अभियान चला रही है।

Naxalites

सांकेतिक तस्वीर।

छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बार्डर पर भी नक्सलियों (Naxals) की गतिविधि कमजोर पड़ गई है। दोनों राज्यों की पुलिस की तगड़ी घेराबंदी में नक्सली जंगल में भी छिप नहीं पा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के राजनांदगांव जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxal Area) में इन दिनों पुलिस (Police) का सर्च ऑपरेशन काफी तेज हो गया है। फोर्स नक्सल प्रभावित गांव के अलावा सीमावर्ती जंगलों तक घुस रही हैं और तलाशी अभियान चला रही है। इतना ही नहीं पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र (Maharashtra) की तरफ से गढ़चिरौली पुलिस ने भी सर्च आपरेशन तेज कर दिया है।

इसके चलते छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बार्डर पर भी नक्सलियों (Naxals) की गतिविधि कमजोर पड़ गई है। दोनों राज्यों की पुलिस की तगड़ी घेराबंदी में नक्सली जंगल में भी छिप नहीं पा रहे हैं। सुरक्षाबलों की सख्ती और हर तरफ से खुल को घिरा देख इलाके में नक्सली फिर बैकफुट पर आ गए हैं।

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बता दें कि बीते 25 जनवरी को मानपुर के धुर नक्सल प्रभावित कामखेड़ा और मुरारपानी गांव में दो ग्रामीणों की हत्या के बाद पुलिस ने पूरे इलाके में नक्सलियों को घेरने की रणनीति को मजबूत किया था। जिसका नतीजा हुआ कि नक्सलियों (Naxalites) को अपना ठिकाना तक बदलना पड़ रहा है।

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में भी नक्सली कई हिंसक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। गौरतलब है कि गढ़चिरौली में निकाय चुनाव का माहौल है। इस वजह से वहां भी पुलिस ने तगड़ी घेराबंदी कर रखी है। इससे नक्सलियों (Naxals) का मूवमेंट जिले की सीमा पर बढ़ गया था। इस सूचना के बाद जिला पुलिस ने भी सर्चिंग बढ़ा दी है।

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खबर है कि अब नक्सली महराष्ट्र की ओर से कांकेर बार्डर की ओर भाग रहे हैं। इधर, मध्य प्रदेश के सीमाई इलाका मंडला में भी फोर्स और पुलिस के सर्चिंग अभियान को तेज करने से नक्सली बैकफुट पर हैं।

गौरतलब है कि राजनांदगांव जिले के मानपुर-मोहला और नक्सल प्रभावित कोहका थाना क्षेत्र के गांवों में बीते करीब एक महीने में नक्सलियों मे चार ग्रामीणों की हत्या कर दी। इसके बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल था।

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दरअसल, 29 दिसंबर, 2020 को मानपुर थानो से महज चार किमी दूर टांगापानी गांव में नक्सलियों (Naxals) ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद नक्सलियों ने 13 जनवरी, 2021 मोहला-मानपुर के परदोनी में पूर्व सरपंच मैनू राम सलामे की गला रेतकर हत्या कर दी थी। इसके अलावा 25 जनवरी को मानपुर ब्लाक के कामखेड़ा गांव में महिला सरपंच शैलेंद्री बाई के ससुर इंदलशाह मंडावी और पड़ोसी गांव मुरारपानी में उप सरपंच के पति धनसाय गावड़े की हत्या नक्सलियों ने कर दी।

इन वारदातों के बाद पुलिस भी चौकस हो गई। पुलिस ने सुदूर गांवों में मॉक ड्रिल कर ग्रामीणों को विश्वास दिलाया है कि उनकी सुरक्षा के लिए फोर्स तैनात है। जिला पुलिस के साथ सीआरपीएफ (CRPF) के जवान भी जंगलों के भीतर घुस कर तलाशी कर रहे हैं।

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नक्सल सेल के एएसपी जेपी बढ़ई के अनुसार, “नक्सल प्रभावित गांवों और सीमावर्ती जंगल क्षेत्रों में सर्चिंग तेज कर दी गई है। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र की पुलिस के साथ ज्वाइंट आपरेशन भी चला रहे हैं। इसके चलते नक्सली लगातार ठिकाना बदल रहे हैं।”

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