छत्तीसगढ़: दंतेवाड़ा में नक्सलियों द्वारा लगाए गए IED की चपेट में आकर दंपति घायल, एक ग्रामीण की मौत

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने फिर कायराना हरकत की है। जिले में नक्सलियों के लगाए गए प्रेशर आईईडी (IED) की चपेट में आकर 9 अक्टूबर की सुबह दंपति घायल हो गए।

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सांकेतिक तस्वीर।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में नक्सलियों (Naxals) ने फिर कायराना हरकत की है। जिले में नक्सलियों के लगाए गए प्रेशर आईईडी (IED) की चपेट में आकर 9 अक्टूबर की सुबह दंपति घायल हो गए। वहीं, उसी रास्ते में हुए 10 किलो के एक और आईईडी ब्लास्ट में एक व्यक्ति की मौत हो गई। ग्रामीण घायल दंपति को लेकर अस्पताल आ रहे थे, लेकिन नक्सलियों ने उन्हें रोक लिया और करीब 8 घंटे से बंधक बनाए हुए हैं।

घटना की पुष्टि दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने की है। उन्होंने बताया कि पुलिस घायलों को इलाज के लिए पुलिस जिला अस्पताल लेकर आई है। दरअसल, जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाए गए प्रेशर बम के चपेट में ये दंपति आ गए। जानकारी के अनुसार, कटेकल्याण थाना क्षेत्र के गुडसे गांव निवासी दंपति कोसी कवासी और हूंगा कवासी 9 अक्टूबर सुबह करीब 8 बजे रिश्तेदार से मिलने के लिए टेटम गांव जा रहे थे।

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इसी दौरान रास्ते में अपूपारा से टेटम के बीच प्रेशर आईईडी (IED) विस्फोट की चपेट में आकर दोनों घायल हो गए। इसके बाद ग्रामीण उन्हें अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन नक्सलियों (Naxalites) ने सभी को रोक लिया। इसके बाद से ही उन्हें बंधक रखा गया है। वहीं दूसरी ओर, उसी रास्ते पर 9 अक्टूबर को ही दोपहर में एक और आईईडी (IED) विस्फोट हुआ।

यह IED करीब 10 किलो की थी। इसकी चपेट में आकर एक ग्रामीण की मौत हो गई। उसकी पहचान अपूपारा गांव के रहनेवाले पांडू मंडावी के रूप में हुई है। नक्सलियों के करतूतों से ग्रामीण तंग आ गए हैं, वे जल्द से जल्द नक्सलियों से छुटकारा पाना चाहते हैं। नक्सली अब पगडंडियों पर भी बम लगाने लगे हैं।

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उल्लेखनीय है कि जल्द ही टेटम कैंप खुलने वाला है, जिससे ग्रामीणों को नक्सलियों से आजादी मिल पाएगी। इस बात से नक्सली बौखलाहट में हैं। बता दें कि बस्तर में अब नक्सलवाद अपने अंतिम दिन गिन रहा है। यहां पुलिस और सुरक्षा बल अब चप्पे-चप्पे तक पहुंच बना चुके हैं, जिससे नक्सलियों में बौखलाहट बढ़ रही है।

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इसी बौखलाहट को निकालने के लिए नक्सली इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। नक्सलियों ने कैंप की ओर जाने वाले सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए रास्ते में आईईडी (IED) लगाया था, लेकिन निर्दोष ग्रामीण इसकी चपेट में आ गए।

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