छत्तीसगढ़ 14 फीट लंबी सुरंग से साजिश! सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के मंसूबों पर फेरा पानी

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में पुलिस ने नक्सलियों (Naxalites) की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। यहां नक्सलियों ने विस्फोटकों से भरी एक सुरंग बना रखी थी।

Naxalites

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में पुलिस ने नक्सलियों (Naxalites) की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। यहां नक्सलियों ने विस्फोटकों से भरी एक सुरंग बना रखी थी। इस सुरंग के जरिए नक्सली हमारे सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन वक्त रहते पुलिस ने इस सुरंग को ही ध्वस्त कर दिया।

Naxalites
घटना के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक नक्सलियों (Naxalites) ने जिले के कुआकोंड़ा और पालनार के बीच बसे गांव गोंगापाल के बिल्कुल नजदीक मुख्य मार्ग पर लंबी सुरंग खोल थी। नक्सलियों ने इस सुरंग में बारूद भर कर फोर्स को नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र रचा था। लेकिन अब सुरक्शा बलों ने इस सुरंग में मिट्टी भरकर इस सुरंग को हमेशा के लिए बंद कर दिया। बताया जा रहा है कि इस सुरंग में करीब 100 किलोग्राम बारूद लगाया जा सकता था।

मुखबिर की सूचना पर डीआरजी और सीआरपीएफ की टीम ने नकुलनार से पालनार जाने वाली सड़क के 9वें किमी पर हड़मामुंडा और सोरीरास के बीच पहुंचकर नक्सलियों द्वारा बनाई गई सुरंग का पर्दाफाश किया है। नक्सलियों (Naxalites) ने यहां सड़क के नीचे करीब 14 फीट लंबी सुरंग खोद रखी थी। यह चौकोर सुरंग सड़क से लगभग 5 फीट नीचे खोदी गई है। दरअसल यहां दोनों ओर खेत है और सड़क की ऊंचाई ज्यादा है। लिहाजा नक्सलियों ने यह साजिश बड़ी ही सोच समझ कर रची थी।

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आमतौर पर सड़क के बीच तक या कुछ दूरी तक सुरंग खोदकर या फिर ड्रिल कर नक्सली बारूद लगाते रहे हैं। लेकिन इस सुरंग की लंबाई लगभग 14 फीट है और यह सड़क के बीच से कुछ आगे तक खोद ली गई थी, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि कम से कम दो जगह विस्फोटक लगाने की योजना थी।

पहले भी हो चुका है सुरंग विस्फोट-

जहां सुरंग मिली है इसके आसपास पिछले कुछ सालों में नक्सलियों ने 4 बड़े बारूदी विस्फोट किए हैं।
इन विस्फोटों में अब तक 25 लोगों की जान गई है।
एक साल पहले 8 किमी दूर श्यामगिरी में नक्सलियों ने भाजपा विधायक भीमा मंडावी के वाहन को उड़ा दिया था।
इस हमले में 4 सुरक्षाकर्मी समेत 6 लोग शहीद हुए थे।
इससे पहले 13 किमी दूर मदाड़ी में किरंदुल थाने के एसयूवी को उड़ाया था।
इसमें 5 लोगों की मौत हुई थी।
10 किमी दूर चोलनार में हमले में भी 7 जवान शहीद हो चुके हैं।

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