आतंकवाद के खात्मे के लिए चलना होगा अमेरिका की राह पर- जनरल बिपिन रावत

भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत ने 16 जनवरी को दिल्ली में हो रहे रायसीना डायलॉग-2020 में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने आतंकवाद पर साफ शब्दों में अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब तक आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देश हैं, तब तक हमें इस खतरे का सामना करते रहना होगा।

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CDS जनरल बिपिन रावत ने रायसीना डायलॉग-2020 में हिस्सा लिया।

भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत ने 16 जनवरी को दिल्ली में हो रहे रायसीना डायलॉग-2020 में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने आतंकवाद पर साफ शब्दों में अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब तक आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देश हैं, तब तक हमें इस खतरे का सामना करते रहना होगा। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हो रही है। यह आगे भी जारी रहेगी।

अमेरिका की राह पर चलना होगा

जनरल बिपिन रावत ने कहा, ‘हमें इससे निर्णायक ढंग से निपटना होगा। अगर हमें ऐसा लगता है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई खत्म होने वाली है, तो हम गलत हैं। जब तक हम आतंकवाद की जड़ तक नहीं पहुंच जाते, तब तक हमें मजबूरन इसके साथ ही रहना होगा। आतंक के खात्मे के लिए हमें अमेरिका की राह पर चलना होगा। अमेरिका ने 9/11 आतंकी हमले के बाद आतंकवाद के खात्मे की दिशा में सख्ती से कदम बढ़ाए।’

आतंकवाद प्रयोजित करने वाले देशों को करना होगा अलग-थलग 

CDS जनरल बिपिन रावत ने कहा कि ऐसे लोग साथी नहीं हो सकते जो आतंकवाद पर वैश्विक युद्ध में भागीदारी कर रहे हों और आतंकवाद को प्रायोजित भी कर रहे हों। आतंकवाद प्रयोजित करने वाले देशों को राजनयिक स्तर पर अलग-थलग करना चाहिए, आतंकवाद के प्रायोजक किसी भी देश को जवाबदेह ठहराना होगा। जनरल रावत ने कहा कि आतंकवाद यहां तब तक रहने वाला है जब तक उनको प्रयोजित करने वाले हैं। आतंकवादियों को इस्तेमाल किया जा रहा है, उन्हें हथियार उपलब्ध कराए जा रहे हैं, उनको धन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस तरह हम आतंकवाद को नियंत्रित नहीं कर सकते हैं।

FATF द्वारा ब्लैकलिस्ट करना अच्छा तरीका

जनरल बिपिन रावत ने तालिबान के साथ बातचीत पर कहा कि आपको सभी के साथ शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करने चाहिए, लेकिन इस शर्त पर कि आपको आतंकवाद छोड़ना होगा। बिपिन रावत ने आगे कहा, ‘कोई भी देश जो आतंकवाद को पनाह देता है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। मुझे लगता है कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) द्वारा उस देश को ब्लैकलिस्ट करना एक अच्छा तरीका है।’ CDS जनरल रावत ने कहा कि आज पाकिस्तान में भी आतंक के सफाए से जुड़े कैंप चलाए जा रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान समझ चुका है कि जिन आतंकी संगठनों को उसने पाला है, वह आज उसको ही नुकसान पहुंचा रहे हैं।

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