EXCLUSIVE: खतरनाक केमिकल बनाता था, पकड़ा गया केमिस्ट्री जानने वाला नक्सली

Sirf Sach Exclusive: प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर यह नक्सली पिछले 10 सालों से आतंक का पर्याय बना हुआ था। लेकिन कहते हैं कि जुर्म के पांव ज्यादा मजबूत नहीं होते। बिहार के जमुई जिले से पुलिस ने इस नक्सली को बड़े ही नाटकीय अंदाज में आखिरकार पकड़ ही लिया। बिहार-झारखंड सीमा पर लाल आतंक मचाने वाला हार्डकोर नक्सली मनोज सोरेन (Naxali Manoj Soren) को बिहार की चकाई पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है। मनोज सोरेन बिहार के जमुई जिले के चकाई थाना क्षेत्र के बरमूडा वर मोरिया पंचायत के मंजिला डी गांव का रहने वाला है बिहार एवं झारखंड पुलिस को यह सूचना मिल रही थी कि बिहार एवं झारखंड के सीमांचल क्षेत्र जमुई के बर मोरिया इलाके में कोई बड़ी नक्सली घटना को अंजाम देने की फिराक में है।

समय रहते पुलिस को नक्सली साजिश के बारे में पता चला गया। पुलिस ने इस नक्सली वारदात को टालने के लिए जगह-जगह जांच शुरू की। इसी बीच गुप्तचरों द्वारा सूचना दी गई कि मनोज सोरेन एक गाड़ी में बैठ कर चकाई की ओर जा रहा है। इसी सूचना पर चकाई थाना प्रभारी और उनकी टीम ने अपने सतर्कता दिखाते हुए उसकी गाड़ी को चकाई चौक में ही रोककर मोर्चा संभालते हुए नाटकीय रूप से उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान मौके पर में ही मनोज सोरेन के पास एक देसी कट्टा तथा एक डायरी भी बरामद किया गया है। इस डायरी में में झारखंड एवं बिहार के कई बड़े- बड़े नक्सलियों और ठेकेदारों का नाम एवं मोबाइल नंबर लिखे हुए हैं।
देखें पूरी रिपोर्ट:

पुलिस इसे बड़ी सफलता मान रही है क्योंकि मनोज सोरेन के द्वारा पुलिस अब उन नक्सलियों तक पहुंचेगी जिनकी तलाश झारखंड और बिहार दोनों ही राज्यों की पुलिस को है। सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि पुलिस को गिरफ्तार नक्सली मनोज सोरेन ने कई अहम जानकारियां दी है जिससे भविष्य में पुलिस को काफी सफलता मिलेगी। नक्सली मनोज सोरेन झारखंड और बिहार के सीमाई इलाकों में लाल आतंक का पर्याय बन चुका था परंतु वह इतना शातिर नक्सली था कि वो पुलिस की नजरों के सामने से चकमा देकर पहले निकल चुका है। लाल आतंक फैलाने के लिए मशहूर मनोज सोरेन कई बड़ी नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड रह चुका है। पिछले 10 वर्षों से यह नक्सली बिहार के जमुई जिले तथा झारखंड के गिरिडीह जिले के सीमाई क्षेत्रों में कई बड़े-बड़े नक्सली वारदातों को अंजाम दे चुका है जिसमें भेलवाघाटी नरसंहार की घटना भी शामिल है।

वहीं, पुलिस सूत्रों की मानें तो मनोज सोरेन नक्सली मारक दस्ता का प्रमुख था। इसका निशाना कभी चूकता नहीं था। नक्सलियों को मनोज सोरेन गोली चलाने के साथ-साथ बम बनाने की भी शिक्षा देता था। सूत्रों के अनुसार यह व्यक्ति रसायन शास्त्र का ज्ञाता है तथा केमिकल रिएक्शन करवाने में माहिर है। इसे पकड़ने के बाद सीआरपीएफ 215 बटालियन बमोरिया पंचायत के जंगलों में घुस कर चप्पे-चप्पे को खंगाल रही है। बता दें कि इस क्षेत्र में विधानसभा चुनाव से पहले नक्सलियों पर काबू करना पुलिस के लिए अभी बड़ी चुनौती है। सूत्रों के हवाले से ऐसी सूचना मिल रही है कि नक्सली कोई बड़ा षड्यंत्र रच रहे हैं। इसे देखते हुए झारखंड एवं बिहार की पुलिस जमुई और गिरीडीह जिले में काफी सतर्कता बरत रही है तथा चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here