सेना प्रमुख General Bipin Rawat ने कहा, FATF की चेतावनी से पाकिस्तान पर बढ़ेगा दबाव

भारत के सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान पर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) के फैसले को लेकर कहा है कि ग्रे लिस्ट में होना किसी भी राष्ट्र के लिए एक झटका है।

Bipin Rawat

FATF की कार्रवाई पर सेना प्रमुख ने पाकिस्तान को लेकर कहा कि उन पर दबाव है। उन्हें कार्रवाई करनी होगी।

भारत के सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) ने पाकिस्तान पर फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) के फैसले को लेकर कहा है कि ग्रे लिस्ट में होना किसी भी राष्ट्र के लिए एक झटका है।

General Bipin Rawat
General Bipin Rawat ने कहा कि FATF की चेतावनी से पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा

FATF की कार्रवाई पर General Bipin Rawat ने पाकिस्तान को लेकर कहा कि उन पर दबाव है। उन्हें कार्रवाई करनी होगी। हम चाहेंगे कि वे शांति बहाल करने की दिशा में काम करें। सेना प्रमुख General Bipin Rawat ने 19 अक्टूबर को कहा कि FATF की चेतावनी से पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा और वे आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मजबूर होंगे। आतंकवाद को मुहैया कराए जाने वाले धन की निगरानी करने वाली अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था FATF ने 18 अक्टूबर को पाकिस्तान को अगले साल फरवरी तक के लिए अपनी ‘ग्रे सूची’ में रखा है। मनी लॉड्रिंग और आतंकवाद को धन मुहैया कराए जाने के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई करने में इस्लामाबाद के नाकाम रहने के बाद FATF द्वारा यह कदम उठाया गया।

FATF की पेरिस में पांच दिवसीय पूर्ण बैठक में यह फैसला लिया गया। इसमें इस बात का जिक्र किया गया कि पाकिस्तान को लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों पर नकेल कसने के लिए दी गई 27 सूत्रीय कार्ययोजना में इस्लामाबाद सिर्फ पांच पर ही काम करने में सक्षम रहा। 15 महीने की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद पाकिस्तान ने 27 सूत्री कार्य योजना पर खराब प्रदर्शन किया। पाकिस्तान को उसकी ‘ग्रे सूची’ में रखते हुए FATF ने मनी लॉड्रिंग और आतंकवाद को मुहैया कराए जा रहे धन को रोकने में नाकाम रहने को लेकर इस्लामाबाद को कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

एफएटीएफ ने पाकिस्तान पर अपना फैसला सार्वजनिक करते हुए वैश्विक वित्तीय संस्थानों को नोटिस दिया है कि वे फरवरी 2020 में किसी अकस्मात स्थिति के लिए अपनी प्रणालियों को तैयार रखें। उल्लेखनीय है कि ब्लैक लिस्ट में आने का मतलब होगा कि दुनिया की कोई भी संस्था पाकिस्तान को एक फूटी कौड़ी भी नहीं देगी। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा। पाकिस्तान को यदि ब्लैक लिस्ट में डाला गया तो वह IMF, वर्ल्ड बैंक, ADB, EU से कर्ज नहीं ले पाएगा। वर्ल्ड बैंक को पाकिस्तान पर इकॉनमी पाबंदी लगानी पड़ेगी। साथ ही विदेशी निवेशक पाकिस्तान में पैसा नहीं लगा पाएंगे।

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