
फाइल फोटो।
रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने 10 साल से कम की सर्विस करने वाले सशस्त्र बलों (Armed Forces) के कर्मचारियों को इनवैलिड पेंशन (Invalid Pension) या आशक्त पेंशन देने का फैसला किया है। 10 साल से कम की सर्विस करने वाले कर्मियों को इनवैलिड पेंशन देने के प्रस्ताव को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने मंजूरी दे दी है।
बता दें कि अभी तक यह पेंशन सशस्त्र बलों (Armed Forces) के सिर्फ उन जवानों को दी जाती थी, जिन्होंने 10 साल से अधिक की सेवा दी है और उन कारणों से दिव्यांग हुए हैं जो सैन्य सेवा से संबद्ध नहीं हैं। सरकार के इस फैसले से उन सैनिकों को लाभ मिलेगा जो 04 जनवरी 2020 या इसके बाद से सर्विस में है।
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दरअसल, अभी तक दिव्यांग होने के समय यदि किसी सैनिक की सेवा 10 साल से कम की होती थी, तो उसे सिर्फ दिव्यांगता ग्रेच्युटी का ही भुगतान किया जाता था। मंत्रालय ने 15 जुलाई को कहा कि सशस्त्र बलों का कोई भी कर्मी, जिसकी सेवा 10 साल से कम है और काम करने में असमर्थ होने के कारण उसे स्थायी रूप से हटा दिया गया है, वह भी इस फैसले से लाभान्वित होगा।
रक्षा मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि सशस्त्र बलों (Armed Forces) को इमरजेंसी में जरूरत के लिए 300 करोड़ रुपए तक के रक्षा सौदों के बारे में फैसला लेने की अनुमति प्रदान की गई है।
सरकार सैनिकों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए कई कदम उठा रही है। रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को हेल्थ केयर देने के लिए बनी स्कीम एक्स सर्विसमैन कॉन्ट्रिब्यूट्री हेल्थ स्कीम (ECHS) के तहत पूर्व सैनिकों के 25 साल और उससे अधिक आयु के अविवाहित और दिव्यांग बेटों को लाभार्थी बनाने का फैसला लिया।
इस योजना के तहत परिवार के एक कोरोना पीड़ित मरीज को ऑक्सीजन देने का खर्च उठाने का भी एलान किया गया है। अभी तक यह पेंशन सिर्फ उन कर्मियों को देने का नियम था, जिन्होंने 10 साल या उससे अधिक सर्विस दी है। लेकिन अब सरकार ने इससे जुड़े नियम को बदल दिया है।
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