नक्सलवाद का सच

संगठन (Naxal Organization) की विचारधारा से त्रस्त होकर कालाहांडी-कंधमाल-बऊद-नयागढ़ (केकेबीएन) डिवीजन की एक महिला नक्सली (Woman Naxalite) ने सरेंडर (Surrender) कर दिया।

एरिया कमांडर अनिल उरांव (Anil Oraon) ने झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण पुर्नवास नीति 'नई दिशा' से प्रेरित होकर सरेंडर किया।

कभी पुलिस को अपना दुश्मन मानने वाली एक महिला नक्सली (Woman Naxalite) अब खुद पुलिस में जाना चाहती है। इस पूर्व महिला नक्सली का नाम राजुला हिदामी है। राजुला हिदामी की कहानी एक प्रेरणा है।

नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस बीच छत्तीसगढ़ के एक नक्सली ने ओडिशा पुलिस के सामने सरेंडर किया है।

लोन वर्राटू अभियान से प्रेरित होकर यहां एक लाख की इनामी महिला समेत 11 नक्सलियों (Naxalites) ने सरेंडर किया है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 3 महिला नक्सली हैं।

रमन्ना के बेटे रंजीत ने बड़े नक्सली (Naxalites) नेताओं को लेकर कई अहम बातें बताई हैं। उसने बताया है कि बाहरी नक्सलियों द्वारा स्थानीय नक्सलियों का भरपूर शोषण किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ अभियान जारी है।एक लाख के इनामी नक्सली कमांडर सुदरूराम उर्फ दूला ने सरेंडर कर दिया है।

डीजीपी ने तीनों नक्सलियों (Naxalites) को भरोसा दिया है कि उन्हें मुख्यधारा से जुड़ने पर सभी तरह की सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।

भंडरा प्रखंड के धनामुंजी गांव के दानियल (Daniel) लकड़ा कभी नक्सली कमांडर थे, लेकिन अब वह राइफल को छोड़कर खेती कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नारायणपुर जिले में नक्सलवाद (Naxalism) के खिलाफ पुलिस (Police) को एक और कामयाबी मिली है। जिले में एक नाबालिग महिला नक्सली (Woman Naxalite) ने 16 जुलाई को पुलिस अधीक्षक उदय किरण के सामने सरेंडर कर दिया।

नक्सलियों (Naxalites) की नजर सोन नदी की बालू पर हैं, जिसे पीला सोना भी कहा जाता है। इस बालू की क्वालिटी काफी बेहतर होती है।

झारखंड में नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ अभियान जारी है, फिर भी नक्सली अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला गुमला का है।

भाकपा माओवादियों (Maoists) के सेंट्रल कमेटी मेंबर और खूंखार लीडर रहे रमन्ना (Ramanna) के बेटे रंजीत (Naxalite Ranjith) ने तेलंगाना पुलिस (Telangana Police) के सामने सरेंडर कर दिया है।

दोनों महिलाओं के नाम बत्ती उसेण्डी और नमनी मंडावी है। ये दोनों महिला नक्सली पिछले सात सालों से आदरे जनमिलिशिया संगठन के सदस्य के तौर पर जुड़ी हुई थीं।

धुर नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में 9 जुलाई को एक लाख की इनामी महिला नक्सली समेत 3 नक्सलियों ने सरेंडर (Naxalites Surrender) किया है।

3 नक्सलियों (Naxalites) ने जिला प्रशासन के सामने सरेंडर कर दिया है। ऐसे में पुलिस ने तीनों नक्सलियों को फूल देकर उनका मुख्यधारा में स्वागत किया।

दंतेवाड़ा देश का ऐसा जिला बना है, जहां एक साल में 100 इनामी नक्सलियों (Naxalites) ने सरेंडर किया है। इन नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 85 लाख से ज्यादा का इनाम था।

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