नक्सलवाद का सच

चुनाव को देखते हुए नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मनु महाराज (DIG Manu Maharaj) नक्सलियों के गढ़ में फोर्स के साथ कॉम्बिंग कर रहे हैं।

बिहार में नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत नवादा पुलिस ने 2 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है।

Bihar: मरांडी रविवार को चुनाव के लिए जनसंपर्क करने निकले थे, इसी दौरान उन्होंने एक बुजुर्ग महिला का पैर छूकर आशीर्वाद मांगा।

मिली जानकारी के मुताबिक कैमूर सीआरपीएफ ने रोहतास सीआरपीएफ की मदद से 12 साल से फरार चल रहे नक्सली (Naxalites) प्रमोद उरांव को गिरफ्तार किया है।

Naxalites News: अगर एक महिला ठान ले तो अपने हौसले से बड़ी से बड़ी परेशानी का सामना कर सकती है। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा से सामने आया है।

बस्तर में बीते 2 महीने में हुई 25 हत्याओं के मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है। नक्सलियों ने इन हत्याओं की जिम्मेदारी ली है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों (Naxals) की आपस में ही नहीं बन पा रही। उनके बीच आपसी मतभेद बढ़ने लगे हैं। इसकी वजह से नक्सली अब अपने ही साथियों की हत्या करने लगे हैं।

प्रेम मांझी काफी शातिर है और वह अपने खिलाफ दर्ज कई मामलों में पहले ही जमानत ले चुका है। वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है।

दंतेवाड़ा एक नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। यहां अक्सर नक्सल (Naxalites) घटनाएं सामने आती हैं। ताजा मामला दंतेवाड़ा जिले के गुडसे गांव का है।

पीएलएफआई (PLFI) कमांडर पुनई उरांव के इशारे पर ये सब हो रहा है। ये जानकारी पकड़े गए 5 उग्रवादियों से पूछताछ के बाद सामने आई है।

नक्सलियों (Naxalites) को जड़ से उखाड़ने के लिए तीन राज्यों में अभियान चलाया जाएगा। ये तीन राज्य छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना हैं।

सुकमा में नक्सलियों ने 2 आरक्षकों पर हमला (Naxalite Attack) कर दिया। ये दोनों आरक्षक अपने पिता के क्रियाकर्म में गए थे। मामला एर्राबोर थाना क्षेत्र का है।

रांची पुलिस ने बुधवार देर रात शहरी इलाके से 14 उग्रवादियों को गिरफ्तार कर कहा कि अब पीएलएफआई (PLFI) के उग्रवादी जंगलों से निकलकर शहर की ओर आ रहे हैं।

नक्सली (Naxalites) भोले-भाले युवकों और युवतियों को गुमराम कर रहे हैं और उन्हें सैलरी का लालच देकर दलम का विस्तार कर रहे हैं।

नक्सली (Naxalite) संगठन पोस्टरबाजी करके माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ये नक्सली संगठन गांव के अनपढ़ और बेरोजगार युवाओं को पोस्टरबॉय बना रहे हैं।

नक्सलियों (Naxali) के पास अब सिर्फ दो ही विकल्प मौजूद है। एक तो सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण करके अपना इलाज करायें या फिर कोरोना वायरस (Coronavirus) या साथी की के हाथों मारे जायें।

बस्तर आईजी ने बताया कि लगातार ऐसे मामले और बढ़ेंगे क्योंकि अब जनता नक्सलियों (Naxalites) की सच्चाई जान गई है और नक्सलियों का साथ देने से बच रही है।

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