नक्सलवाद का सच

तीनों नक्सलियों (Naxalites) ने नक्सली संगठन की की गलत नीतियों से तंग आकर नारायणपुर (Narayanpur) पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है।

खबर मिली है कि महाराष्ट्र (Maharashtra) के गढ़चिरौली (Gadchiroli) में एक इनामी महिला नक्सली (Naxalite) ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है।

छत्तीसगढ़ (Chhattiagrah) के कबीरधाम जिले में 23 जून को एक महिला नक्सली (Woman Naxalite) समेत दो इनामी नक्सलियों (Naxalites) ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले में 'लोन वर्राटू' अभियान के तहत एक और कामयाबी मिली है। यहां एक लाख के इनामी सहित तीन नक्सलियों (Naxalites) ने सरेंडर कर दिया है।

संगठन में स्थानीय आदिवासी नौजवान कभी भी एरिया कमेटी से ऊपर प्रमोट नहीं किए जाते। केंद्रीय नेतृत्व में केवल आंध्र प्रदेश, तेलंगाना व केरल जैसे राज्यों के ही नक्सलियों (Naxalites) का बोल-बाला है।

नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का नतीजा है कि नक्सलियों पर लगाातर दबाव बढ़ रहा है और बढ़ते दबाव के कारण नक्सली लगातार सरेंडर (Surrender) कर रहे हैं।

महाराष्ट्र (Maharashtra) के गढ़चिरौली जिले में 18 जून को 2 लाख की इनामी महिला नक्सली (Woman Naxali) ने सरेंडर (Surrender) कर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी है।

इस समय 90 जिलों में नक्सलवाद (Naxalism) हावी है। आंकड़े बताते हैं कि बीते 3 सालों में 2168 नक्सली हमले हुए हैं, जिसमें 625 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में लगातार नक्सलियों का आत्मसमर्पण (Naxalites Surrender) हो रहा है। राज्य के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में 'लोन वर्राटू' अभियान से प्रभावित होकर पांच नक्सलियों के आत्मसमर्पण किया है।

नक्सली (Naxalites) किसी के सगे नहीं होते। यहां तक कि वे अपने साथियों के भी अपने नहीं होते। इसका उदाहरण देखने को मिला जब छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर जिले में नक्सलियों (Naxals) ने अपने ही साथी का अपहरण कर लिया।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में नक्सल विचारधारा को छोड़कर लगातार नक्सलियों का सरेंडर (Naxalites Surrender) हो रहा है। संगठन में हो रही ज्यादती से तंग आकर नक्सली नक्सलवाद (Naxalism) का रास्ता छोड़कर मुख्याधारा में शामिल हो रहे हैं।

सरेंडर करने वाले मिलिशिया सदस्य नक्सलियों धुरबेड़ा निवासी कमलू ध्रुवा, मालू ध्रुवा, गट्टाकाल निवासी राकेश उसेण्डी और गोमागाल डेंगलपुट्टीपारा निवासी हिड़मे कवाची शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ के सिलगेर में आंदोलन जारी है। पुलिस कैंप के विरोध में ग्रामीण आंदोलन कर रहे हैं। पूरे बस्तर में इस आंदोलन का असर दिखाई दे रहा है।

सुकमा में नक्सलियों ने सड़क निर्माण के दौरान पाइप बम के जरिए IED भी प्लांट किया, जिससे जवानों को नुकसान पहुंचे और दंतेवाड़ा में कई जगह सड़कें काट दीं।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन में प्रशासन को लगातार सफलता मिल रही है। नक्सली आए दिन सरेंडर (Surrender) कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नारायणपुर जिले में पांच नक्सलियों ने 4 जून को सरेंडर (Naxalites Surrender) कर दिया। इन नक्सलियों ने नारायणपुर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है।

झारखंड (Jharkhand) के नक्सल प्रभावित गढ़वा जिले में दो महिला नक्सलियों (Women Naxalites) ने सरेंडर (Surrender) किया है। वे नक्सलवाद (Naxalism) का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आई हैं।

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