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सीपीआई-माओवादी को विश्व का चौथा सबसे खतरनाक संगठन करार देते हुए 2018 की अमेरिकी स्टडी में कहा गया कि भारत में हुए 53 प्रतिशत हमलों में इसका हाथ रहा है।

पिछले दो साल में सुरक्षाबलों पर हुए लगभग सभी हमलों के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ रहा है। इसके आतंकी संगठन के सरगना का नाम है मौलाना मसूद अजहर।

यही तो इस मुल्क की खूबसूरती है, यही तो यहां की परम्परा और संस्कृति रही है। लोग अपने दुखों को भूल कर हमेशा दूसरों के दुख-दर्द में शामिल हो जाते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक इसे तैयार करने के लिए पाकिस्‍तान से प्रशिक्षित आतंकी भारत आए थे। इतना ही नहीं हमले से कुछ वक्‍त पहले ही आतंकियों ने इसमें ट्रिगर, स्विच, डेटोनेटर और पावर फ्यूज लगाया गया था।

पुलवामा के मास्टरमाइंड कामरान को मारकर सुरक्षा बलों ने शुरुआती बदला लेकर साफ कर दिया है कि अब तो आतंकवाद पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति ही चलेगी।

पुलवामा आतंकी हमला: शहादत पर सीना चौड़ा करने का वक्त गुजर चुका है। वक्त है निर्णायक हल का।

Nearly 65 % of the population depends on agriculture for a living and the farm sector contributes more than half of the country’s work force. But investments in this lifeline of the country remain woefully inadequate.

This misuse of agencies has been going on since the time of Indira Gandhi. This trend may have acquired a new impetus in the present regime but to suggest that institutions and agencies have begun to get compromised only now is also acting needlessly coy!

What Mamta did is a new low and unpardonable. Our constitutional framework will collapse if state leaders take such a strident and confrontational approach.

कोई मुख्यमंत्री या राज्य सरकारें इस तरह व्यवस्था के विरूद्ध सड़क पर उतर आएंगी तो ये देश के संघीय ढांचे के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है। यह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए ये एक अलार्मिंग सिचुएशन है।

वित्त वर्ष 2019-20 के लिए अंतरिम बजट (Budget 2019) पेश हो चुका है। हर साल की तरह इस बार भी...

खून-खराबा करने वाले नक्सलियों को अब विकास की चिंता सताने लगी है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में उन्होंने एक पर्चा जारी करके विकास के लिए 17 सूत्रीय मांग रखी है।

स्नूपिंग का रोना रोने वालों के लिए ये जान लेना जरूरी है कि दुनिया के ज्यादातर देशों में स्नूपिंग को लेकर जैसे मानक प्रॉसिजर हैं उसके मुकाबले हमारे कायदे और नियम बहुत कठोर हैं। अमेरिका समेत दुनिया के ज्यादातर देशों में सरकारी स्तर पर जितनी स्नूपिंग होती है, उसके मुकाबले हम कहीं नहीं टिकते।

नए साल के पहले दिन जब पूरा देश जश्न मना रहा था, तो घाटी में आतंकी खूनी खेल की तैयारी कर रहे थे। आतंकियों के खूनी मंसूबे का शिकार बने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में स्पेशल पुलिस अधिकारी समीर अहमद।

संसदीय लोकतंत्र की मर्यादा कहती है भाषा शालीन होनी चाहिए। आपकी भाषा से किसी की मर्यादा को ठेस नहीं पहुंचनी...

खूंखार आतंकी जाकिर मूसा का गिरोह अब खात्मे की कगार पर है। दक्षिणी कश्मीर के त्राल इलाके में मूसा गैंग...

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