सच के सिपाही

Indian Army: यह एक ऑटो-इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, इससे जवान दुश्मनों पर रात में भी नजर रख सकते हैं। ये बिल्कुल अंधेरे में सामने वाले की तस्वीर को उभारता है।

सेना की कैंटीन में शराब, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सामान को रियायती कीमतों पर मिलता है। आर्मी कैंटीन में विदेशी सामान भी मिलता है।

मेजर सोमनाथ शर्मा (Major Somnath Sharma) टूटे हाथ के दर्द को नजरअंदाज कर अपने साथी जवानों को मैग्जीन में गोलियां भरकर देते जा रहे थे। उनकी बहादुरी की मिसाल आज भी पेश की जाती है।

जैसे ही दुश्मन हमला करता है तो बड़ा हथियार न होने की स्थिति में Indian Army द्वारा इसका बखूबी इस्तेमाल किया जा सकता है।

भारतीय सेना (Indian Army) अपने शौर्य और बलिदान के लिए जानी जाती है। सेना के वीर सपूत हर मोर्चे पर दुश्मनों को भेदने के लिए तत्पर रहते हैं। भारतीय वीर सपूतों ने अब तक पांच युद्ध लड़े हैं, जिनमें से एक में ही हार मिली है।

भारतीय सेना (Indian Army) के वीर सपूत भारत मां की रक्षा के लिए हर वक्त तत्पर रहते हैं। भारतीय जवान किसी भी चुनौती को भेदकर देश की सीमा की रक्षा करते हैं। अबतक भारत ने पांच युद्ध लड़े हैं।

साल 2017 में झारखंड के पलामू जिला के चैनपुर थाना क्षेत्र में नक्सलियों के साथ लोहा लेने के दौरान अदम्य साहस का परिचय देने के लिए दारोगा प्रकाश कुमार रजक (Prakash Kumar Rajak) को प्रधानमंत्री उत्कृष्ट (गैलेंट्री) अवार्ड से नवाजा जाएगा।

बीते साल जून में भारतीय सेना और चीनी सेना की भिड़ंत में हमारे 20 जवान शहीद हो गए थे। भारतीय सेना के खिलाफ चीनी सैनिक भाला और कांटेदार हथियार लेकर आए थे। इन हथियारों के वार ने हमारे वीर सपूत हमसे छिन लिए।

भारती वायुसेना (Indian Air Force) को दुनिया की सबसे ताकतकवर फोर्स में से एक माना जाता है। सेना के पास कई ऐसे घातक हथियार हैं जिनका नाम सुनते ही दुश्मन थर-थर कांप उठते हैं।

वीर सपूतों ने इस बात को कई मौकों पर साबित भी किया है। भारतीय सेना के जवानों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हर चुनौतियों के मुताबिक टीम बनाई गई हैं।

हमारे वीर सपूत परिवार से दूर रहकर देश की रक्षा करते हैं और जंग के मैदान में दुश्मनों को नेस्तनाबूद करते हैं। शहीद सैनिकों की पत्नियों की कई ऐसी कहानी जो कि पति की शहादत से कतई टूटी नहीं और अपने हौसले से पूरी दुनिया के लिए मिसाल पेश किया।

जून, 2020 में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए नायक दीपक सिंह (Martyr Deepak Singh) को इस साल 'वीर चक्र' (Veer Chakra) से नवाजा गया है।

भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी रॉ एजेंट बनना बेहद मुश्किल माना जाता है। इस विभाग में ऐसे लोगों को शामिल किया जाता है जो बेहद चालाक और परिस्थिति को अपने अनुकूल ढालने में माहिर हों।

भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (Research and Analysis Wing) यानी रॉ का पूरा दुनिया में बोलबाला है। यह एजेंसी इतना बेहतरीन काम करती है जिसकी मिसालें पेश की जाती हैं।

इस बार गणतंत्र दिवस (Repulic Day 2021) पर कर्नल संतोष बाबू (Colonel Santosh Babu) को मरणोपरांत महावीर चक्र (Mahaveer Chakra) से नवाजा जाएगा।

जासूस छोटे-छोटे सबूतों से जासूस असली खतरे का पता लगाने में माहित होते हैं। इन सब के साथ जासूस के पास गजब के गैजेट्स  होते हैं जो काम आसान बना देते हैं।

भारतीय सेना (Indian Army) के जवान किसी भी खतरे का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। सेना देश की रक्षा के लिए सरहद पर पूरी तरह मुस्तैद रहती है। जवानों के पास ऐसे कई उपकरण हैं जिनके जरिए दुश्मनों की हर नापाक चाल को पहले से भांप लिया जाता है।

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