टाइगर हिल को 1999 के कारगिल युद्ध में क्यों अहम माना गया? यहां जानें

पाकिस्तान भी टाइगर हिल (Tiger Hill) की अहमियत को जानता था और वह इस पर कब्जा करने की फिराक में था लेकिन भारतीय सेना ने पहले ही इसपर कब्जा कर लिया था।

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भारतीय सेना के जवान। (फाइल फोटो)

पाकिस्तान भी टाइगर हिल (Tiger Hill) की अहमियत को जानता था और वह इस पर कब्जा करने की फिराक में था लेकिन भारतीय सेना (Indian Army)  ने पहले ही इसपर कब्जा कर लिया था।

टाइगर हिल (Tiger Hill) जम्मू कश्मीर (अब लद्दाख) का एक दुर्गम और निर्जन इलाका है। यहां से कंचनजंघा और अन्य पर्वत चोटियों का मनोरम दृश्य दिखता है, साथ ही यहां से विश्व की सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट भी देखी जा सकती है। टाइगर हिल को कारगिल युद्ध में बेहद ही अहम माना गया है। इस जंग में आज भी टाइगर हिल पर इंडियन आर्मी के कब्जे को एक टर्निंग प्वाइंट के तौर पर माना जाता है।

दरअसल टाइगर हिल सामरिक रूप से बेहद ही अहम जगह है। इस पर कब्जा करना दुश्मनों को कई गुना ज्यादा फायदा पहुंचाता है। यह नेशनल हाइवे 1डी के सबसे नजदीक है, जो श्रीनगर को कारगिल से जोड़ती है। यह कारगिल सेक्टर के लिए प्रमुख आपूर्ति मार्ग है। ऊंचाई पर होने की वजह से यहां से आप-पास के कई किलोमीटर के क्षेत्र पर आसानी से नजर रखी जा सकती है।

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पाकिस्तान (Pakistan) भी इस जगह की अहमियत को जानता था और वह इस पर कब्जा करने की फिराक में था लेकिन भारतीय सेना ने पहले ही इसपर कब्जा कर लिया था। सेना ने जब यहां कब्जा किया तो तिरंगा लहराया और फिर युद्ध की समाप्ति तक टाइगर हिल का पूरा फायदा उठाते हुए दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखकर उन्हें ढेर किया।

मालूम हो कि कारगिल की लड़ाई में भारत ने 1999 में पाकिस्तान को छठी का दूध याद दिला दिया था। पाकिस्तान को इस युद्ध में मुंह की खानी पड़ी थी। पाकिस्तान के धोखे का जवाब भारत ने बखूबी दिया जिसको याद कर दुश्मन देश आज भी थर-थर कांप उठता है।

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