हर बार हारकर भी पाकिस्तान क्यों नहीं सुधरता? ये है वजह

India Pakistan Kashmir Issue: आजादी के तुरंत बाद कश्मीर के राजा ने भी भारत के साथ विलय को मंजूरी दी थी, और फिर पाकिस्तान के पैरों तले जमीन खिसक गई थी।

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भारतीय सेना (Indian Army) के जवान किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए हर पल तत्पर रहते हैं।

India Pakistan Kashmir Issue: आजादी के तुरंत बाद कश्मीर के राजा ने भी भारत के साथ विलय को मंजूरी दी थी, और फिर पाकिस्तान के पैरों तले जमीन खिसक गई थी। इसके बाद आर्टिकल 370 को भी हाल में खत्म कर दिया गया है। 

भारत और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच अबतक 4 युद्ध लड़े जा चुके हैं। हर बार पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी है। पाकिस्तान इतनी बेइज्जती सहने के बाद भी सुधरने का नाम नहीं लेता। 1948, 1965, 1971 और 1999 में पाकिस्तान को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था। इन हार के बाद ही वह भारतीय सीमा पर गोलीबारी और सीजफायर का उल्लंघन करता रहा है जिसका सिलसिला आज भी जारी है। आखिर इतनी हार के बावजूद भी पाकिस्तान सुधरने को राजी क्यों नहीं है?

भारत और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच आज भी विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा कश्मीर ही है। आजादी के बाद से अबतक लगातार कश्मीर को लेकर दोनों देश टकरा चुके हैं। पाकिस्तान पूरे कश्मीर पर अपना दावा ठोकता है जबकि भारत भी यही कहता है कि पीओके समेत कश्मीर का पूरा इलाका भारत का है।

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आजादी के तुरंत बाद कश्मीर के राजा ने भी भारत के साथ विलय को मंजूरी दी थी, और फिर पाकिस्तान के पैरों तले जमीन खिसक गई थी। इसके बाद आर्टिकल 370 को भी हाल में खत्म कर दिया गया है। ऐसे में पाकिस्तान का यह सपना अब और दूर हो गया है कि वह कश्मीर को कभी पा सकेगा।

कश्मीर की जिद्द कर पाकिस्तानी राजनेता और आर्मी अपनी रोटियां सेकते हैं। ऐसे कई मौके आए हैं जब पाकिस्तान नेताओं और सेना के उच्च अधिकारियों ने कश्मीर मुद्दे को छेड़कर अपना-अपना फायदा लेने की सोची है। यह बात जग जाहिर है कि पाकिस्तान में सेना की सरकार पर सीधी और मजबूत पकड़ होती है। सेना जैसा कहती है वैसा ही होता है। यही वजह है कि कश्मीर दोनों देशों के बीच युद्ध की वजह रहा है और इस वजह से पाकिस्तान सुधरता भी नहीं है।

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