1999 का युद्ध: 18 हजार फीट की ऊंचाई और भारतीय सेना का शौर्य, जानें युद्ध से जुड़ी ये खास बातें

युद्ध 18 हजार फीट की ऊंचाई पर लड़ा गया। पाकिस्तान मानता है कि उसके करीब 357 सैनिक ही मारे गए थे। वहीं युद्ध में भारत के 527 जवान शहीद हुए।

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सांकेतिक तस्वीर

युद्ध 18 हजार फीट की ऊंचाई पर लड़ा गया। पाकिस्तान (Pakistan) मानता है कि उसके करीब 357 सैनिक ही मारे गए थे। वहीं युद्ध में भारत के 527 जवान शहीद हुए और 1363 जवान घायल हो हुए थे।

भारत और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच आखिरी युद्ध 1999 में लड़ा गया था। इसे कारगिल का युद्ध भी कहा जाता है। युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों को भगा-भगाकर मारा था। भारतीय सेना की इस युद्ध में जीत हुई थी और पाकिस्तान को हमेशा की तरह हार ही मिली।

पाकिस्तान ने कारगिल के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जगहों पर कब्जा कर लिया। भारतीय सेना तो इस दौरान पीछे हट गई थीं लेकिन पाक घुसपैठ की जानकारी एक चरवाहे ने भारतीय सेना को दी थी। चरवाहे ने बताया था कि पाकिस्तानी सेना भारी संख्या में कारगिल में घुस चुकी है। दरअसल चरवाहा अपने खोए हुए यार्क को तलाश रहा था इसी दौरान उसने पाक सेना को देखा था।

इसके बाद युद्ध 18 हजार फीट की ऊंचाई पर लड़ा गया। पाकिस्तान मानता है कि उसके करीब 357 सैनिक ही मारे गए थे। वहीं युद्ध में भारत के 527 जवान शहीद हुए और 1363 जवान घायल हो हुए थे। इस युद्ध में भारतीय वायुसेना ने 32 हजार फीट की ऊंचाई से एयर पावर का इस्तेमाल किया था।

करगिल युद्ध लगभग 60 दिनों तक चला और 26 जुलाई को उसका अंत हुआ। हर साल 26 जुलाई के दिन को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भारतीय सेना ने पाकिस्तानी को कारगिल में हराकर अपना पराक्रम दिखाया था।  

युद्ध में तोपखाने से 2,50,000 गोले और रॉकेट दागे गए थे। 300 से अधिक तोपों, मोर्टार और रॉकेट लॉन्चरों ने रोज करीब 5,000 बम फायर किए थे। कारगिल फतह के लिए भारतीय सेना ने कई ऑपरेशन लॉन्च किए जिन्हें अलग-अलग नाम दिया गया था।

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