War of 1965: पहली बार जंग के मैदान में उतरी थी भारत और पाकिस्तान की वायुसेना, दुश्मनों का सबकुछ कर दिया था तहस-नहस

भारत और पाकिस्तान के बीच 1965 (War of 1965) में लड़े गए युद्ध में भारतीय सेना (Indian Army) की जांबाजी की मिसाल आज भी दी जाती है।

Shambhuram

फाइल फोटो

War of 1965: सेना (Army) ने हमले से पहले पाया था कि ट्रेन में भारी मात्रा में हथियार और बख्तरबंद गाड़ियां हैं। लड़ाई में भारतीय सेना (Indian Army) लाहौर तक पहुंच चुकी थी, लेकिन बॉर्डर पर ही रुक गई। 

भारत और पाकिस्तान के बीच 1965 (War of 1965) में लड़े गए युद्ध में भारतीय सेना (Indian Army) की जांबाजी की मिसाल आज भी दी जाती है। इस युद्ध में हमारे वीर सपूतों ने ऐसा पराक्रम दिखाया था जिसे यादकर दुश्मन देश आज भी कांप उठता है।

इस युद्ध में पहली बार भारत और पाकिस्तान की वायुसेना (Air Force) जंग के मैदान में उतरी थी। यह पहला मौका था जब दोनों देशों के लड़ाकू विमानों का जमकर आमना सामना हुआ था।

हालांकि, हमने दुश्मनों का सबकुछ तहस-नहस कर दिया था। युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के 4 हंटर विमानों ने 580 नॉट्स की रफ्तार से एलओसी पार की थी। पाकिस्तान के रायविंड रेलवे स्टेशन के यार्ड में एक मालगाड़ी पर ताबड़तोड़ बम बरसाए गए थे।

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सेना ने हमले से पहले पाया था कि ट्रेन में भारी मात्रा में हथियार और बख्तरबंद गाड़ियां हैं। लड़ाई में भारतीय सेना लाहौर तक पहुंच चुकी थी लेकिन बॉर्डर पर ही रुक गई। अगर हम चाहते तो दुश्मनों के घर के अंदर तक पूरा कब्जा कर लिया होता लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

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दोनों देशों के बीच यह लड़ाई मुख्य रूप से कश्मीर में दोनों देशों की सीमा के इर्द-गिर्द लड़ी गई। भारत और पाकिस्तान के बीच आजादी के बाद से चली आ रही रंजिश कई बार जंग में बदल गई। 1965 में दोनों देशों के बीच पांच हफ्ते तक भीषण युद्ध हुआ और संयुक्त राष्ट्र की पहल पर 23 सितंबर के दिन युद्ध विराम हुआ।

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