Indo-China War 1962: युद्ध से जुड़ी वो बातें जिन्हें जानकर इंडियन आर्मी पर होगा गर्व, सीमित संसाधन के बावजूद कायम था जलवा

भारत और चीन के बीच 1962 में युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में चीन ने हमें हरा दिया था लेकिन भारतीय सेना (Indian Army) शानदार प्रदर्शन किया था।

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Indo-China War 1962: चीनी सेना के खिलाफ भारतीय सेना (Indian Army) के जवानों ने हैंड टू हैंड फाइट की थी। चीनी सेना के खिलाफ गोरखा जवानों ने खुखरी का इस्तेमाल किया था।

भारत और चीन के बीच 1962 में युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में चीन ने हमें हरा दिया था लेकिन भारतीय सेना (Indian Army) शानदार प्रदर्शन किया था। चीन के खिलाफ हमारे सैनिकों ने सीमित संसाधन के बावजूद बेहतरीन प्रदर्शन किया था। भारत को आजाद हुए 15 साल ही हुए थे और उसे यह युद्ध लड़ना पड़ा था।

इस युद्ध से जुड़ी कुछ बातें ऐसी हैं जिन्हें जानकर आपका सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। आपको इंडियन आर्मी (Indian Army) पर गर्व महसूस होगा। हमारी सेना ने इस युद्ध में सीमित संसाधन के बावजूद बेहतरीन प्रदर्शन किया था।

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13 अक्टूबर, 1962 के दिन चीनी सेना पैंन्गांग झील के पास स्थित शिरजाप और यूला पर कब्जा करने की फिराक में थी। युद्ध में भारतीय सेना चीन के मुकाबले ज्यादा एडवांस नहीं थी और न ही ज्यादा हथियार थे। जबकि युद्ध के दौरान चीनी सैनिक एडवांस लेवल के हथियार के साथ भारत के खिलाफ उतरे थे।

चीनी सेना के खिलाफ भारतीय सेना (Indian Army) के जवानों ने हैंड टू हैंड फाइट की थी। चीनी सेना के खिलाफ गोरखा जवानों ने खुखरी का इस्तेमाल किया था। खुखरी के जरिए ही कई चीनी सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया गया था।

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युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों के पास ठंड से बचने के लिए कपड़े तक नहीं थे। वहीं, चीनी सेना के पास कपड़े के साथ-साथ अन्य जरूरी उपकरण थे। सेना के पास माइनस डिग्री वाले तापमान के लिए कपड़े और जूते तक नहीं थे।

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हिमालयी बॉर्डर पर चीन के साथ भारत का सीमा विवाद सालों से चला आ रहा है। बहरहाल, 1962 की लड़ाई के 58 साल हो गए हैं, पर इतने साल बाद भी भारत और चीन की तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही।

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