कारगिल युद्ध: जब मिग-27 के जरिए भारत ने किया युद्ध का आगाज, थरथर कांप उठा था पाक

38 साल तक अपनी सेवा देने के बाद ये रिटायर हो गए। मिग सीरीज के अन्य वैरिएंट, मिग-23 बीएन और मिग-23 एमएफ और विशुद्ध मिग 27 पहले ही सेना से रिटायर हो चुके हैं।

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मिग-27 एयरक्राफ्ट। (फाइल फोटो)

वायु सेना के बेड़े में 1985 में शामिल किया गया था। मिग-27 ने 34 साल तक भारत वायुसेना की सेवा की। पिछले 4 दशक से ये भारतीय वायुसेना की असली ताकत थी।

कारगिल युद्ध में भारत ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था। धोखेबाज पाकिस्तान को भारत ने इस कदर हराया जिसको याद कर वह आज भी डर जाता होगा। पाकिस्तान ने 1999 में भारत को धोखा दिया था। एक समझौते का उल्लंघन करके ये धोखा दिया गया था। शिमला समझौते के तहत भारत-पाक के बीच 1972 में एग्रीमेंट हुआ था। पर तत्कालीन पाक सेना के जनरल परवेज मुशर्रफ ने सैनिकों को कारगिल के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों में भेजकर कब्जा करवा दिया था।

जैसे ही भारत को इस घुसपैठ की जानकारी मिली तो सेना ने मिग-27 के जरिए भारत ने किया युद्ध का आगाज कर दिया। सेना ने इन फायटर जेट का बखूबी इस्तेमाल किया। दुशमन के कब्जे वाले इलाकों में कहर बरपाना हो या फिर पाकिस्तानी सैनिकों के कब्जे वाले इलाकों की लोकेशन का पता करना हो इन जेट्स के जरिए सेना ने बड़े ही आसानी से जानकारियां हासिल कीं।

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 इसे वायु सेना के बेड़े में 1985 में शामिल किया गया था। मिग-27 ने 34 साल तक भारत वायुसेना की सेवा की। पिछले 4 दशक से ये भारतीय वायुसेना की असली ताकत थी। युद्ध के दौरान मिग 27 ने भारतीय वायुसेना की शान बनाए रखी।

लड़ाकू विमान मिग-27 को तो इस युद्ध का ‘हीरो’ तक कहा जाता है। ये विमान पिछले साल ही सेना से रिटायर किया गया है। मिग-27 तीन दशक से अधिक की उल्लेखनीय सेवा के बाद, भारतीय वायु सेना का मिग-27 लड़ाकू विमान कल वायु सेना स्टेशन, जोधपुर से एक भव्य समारोह में डीकमीशन किया किया गया।

यानी 38 साल तक अपनी सेवा देने के बाद ये रिटायर हो गए। मिग सीरीज के अन्य वैरिएंट, मिग-23 बीएन और मिग-23 एमएफ और विशुद्ध मिग 27 पहले ही सेना से रिटायर हो चुके हैं।

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