कारगिल: शहीद स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा ने पेश की थी वीरता की मिसाल, जानें क्या है इस जवान की कहानी

27 मई 1999 को बठिंडा के भिसीयाना एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात आहूजा ने मिग 21 विमान से ऑप्रेशन ‘सफेद सागर’ के तहत खदेड़ते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी थी।

शहीद स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा।

वह मिग 21 विमान पर फ्लाइट लेफ्टिनेंट के. नचिकेता के साथ थे। नचिकेता मिग-27 प्लेन उड़ा रहे थे लेकिन किसी वजह से उन्हें खुद को प्लेन से इजेक्ट करना पड़ा।

कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान भारत के साथ छल करता रहा। भारतीय सैनिकों को इस छल से नुकसान झेलना पड़ा। पाकिस्तान ने युद्ध के दौरान स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा के शरीर को क्षत-विक्षत कर वापस सौंपा था। जेनेवा संधि का उल्लंघन करते हुए पाक ने भारतीय सैनिक को बहुत बड़ी प्रताड़ना दी थी।

27 मई, 1999 को बठिंडा के भिसीयाना एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात आहूजा ने मिग 21 विमान से ऑप्रेशन ‘सफेद सागर’ के तहत खदेड़ते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। इस दौरान उन्होंने देश की सीमाओं में घुसपैठिया पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों को खदेड़ा था। हालांकि इस दौरान दुश्मन की मिसाइल लगने से उनका विमान क्रैश हो गया था। और वह पाकिस्तान के कब्जे में आ गए।

दरअसल, वह मिग 21 विमान पर फ्लाइट लेफ्टिनेंट के. नचिकेता के साथ थे। नचिकेता मिग-27 प्लेन उड़ा रहे थे लेकिन किसी वजह से उन्हें खुद को प्लेन से इजेक्ट करना पड़ा। इस दौरान स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा उनकी लोकेशन का पता लगा रहे थे कि तभी दुश्मन देश की मिसाइल उनके प्लेन से टकरा गई। इसके बाद उन्हें भी खुद को इजेक्ट करना पड़ा।

जब वह नीचे उतरे तो वह दुश्मन की जमीन पर थे और पाकिस्तानी सेना के कब्जे में आ चुके थे। इसके बाद पाक सेना ने उनके साथ क्रूरता की और उनके शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया। जब उनका पार्थिव शरीर 29 मई को भारत को सौंपा गया, तो उनका शरीर गंभीर रूप से छत-विछत पाया गया। उनकी इस वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

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