Jharkhand: लातेहार नक्सली हमले में शहीद जवान की बेटी ने पूछा सवाल, ‘मेरे पिता का क्या कसूर था?’

झारखंड (Jharkhand) के लातेहार जिला के चंदवा में हुए नक्सली हमले में दारोगा सुकरा उरांव शहीद हो गए थे। शहीद दारोगा सुकरा उरांव का पार्थिव शरीर 23 नवंबर को उनके पैतृक गांव घाघरा प्रखंड के चुमनू गांव लाया गया।

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बीते 23 नवंबर को शहीद सुकरा उरांव का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव लाया गया तो उनके परिजनों की आंखों से आंसू का सैलाब बह निकला।

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शहीद एसआई सुकरा उरांव का रोता-बिलखता परिवार।

नक्सलियों ने मेरे पिता को क्यों मारा…? उनका कसूर क्या था…? नौकरी करना या लोगों की सुरक्षा के लिए रात-दिन घूमना..? यह सवाल उस बेटी ने उठाए हैं जिसके पिता बीते 22 नवंबर की देर शाम झारखंड (Jharkhand) के लातेहार में हुए नक्सलियों के एक हमले में शहीद हो गए थे।

इस दिन नक्सलियों ने झारखंड (Jharkhand) के लातेहार जिले के चंदवा इलाके में पुलिस पार्टी पर हमला किया था और इस हमले में पुलिस के 4 जवान शहीद हो गए थे। इन सभी शहीद जवानों में दारोगा सुकरा उरांव भी शामिल थे। बीते 23 नवंबर को शहीद सुकरा उरांव का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव लाया गया तो उनके परिजनों की आंखों से आंसू का सैलाब बह निकला। उनके अंतिम दर्शन के लिए लोग उमड़ पड़ा। पूरा गांव ‘जय हिंद, भारत माता की जय…’, ‘शहीद सुकरा उरांव जिंदाबाद…’ के नारों से गूंज उठा।

शहीद के चचेरे भाई महापात्र उरांव ने बताया कि सुकरा उरांव पूरे परिवार में इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके शहीद होने से पूरा परिवार टूट गया है। शहीद सुकरा उरांव की पांच बेटियां हैं। एक बेटी मनीषा झारखंड (Jharkhand) के हजारीबाग में पढ़ाई करती है। वहीं चार बेटियां घाघरा के चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल में पढ़ाई करती हैं। शहीद की सबसे छोटी बेटी अर्चना ने नक्सलियों से सवाल किया कि पहले यह बता दो कि हमारे पिताजी का कसूर क्या था। क्या सिर्फ आदिवासी होना, नौकरी करना या लोगों की सुरक्षा के लिए रात-दिन घूमना, यही उनका कसूर था।

शहीद की बड़ी बेटी मनीषा ने बताया कि उसके पिताजी चुनाव के बाद घर आने को कह कर गए थे। सुकरा उरांव गांव में मिलनसार व्यक्तित्व वाले थे। उन्होंने फोरी हाई स्कूल से 1989 के मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। उसके बाद इंटर की पढ़ाई 1994 में सिसई कॉलेज से पूरी किया था। साल 1999 में पुलिस में उनकी नौकरी लग गई थी। तब झारखंड (Jharkhand), बिहार राज्य का हिस्सा था।

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