चाईबासा नक्सली हमले में शहीद जवान के पिता और बहन की जेएलटी ने कर दी थी हत्या

चक्रधरपुर एएसपी नाथू सिंह मीणा के शहीद बॉडीगार्ड लखींद्र मुंडा के पिता श्यामल मुंडा एवं बहन मालती मुंडा की हत्या नक्सली संगठन ‘झारखंड लिबरेशन टाइगर्स’ (JLT) के सदस्यों ने 2006 में गोली मारकर कर दी थी।

Naxal Attack

शहीद लखींद्र मुंडा। (फाइल फोटो)

झारखंड (Jharkhand) के चाईबासा में भाकपा माओवादियों के हमले (Naxal Attack) में शहीद (Martyrs) हुए जवान लखींद्र मुंडा और एसपीओ सुंदर स्वरूप महतो को चाईबासा पुलिस लाइन में अंतिम सलामी और श्रद्धांजलि दी गई। तिरंगे में लिपटे दोनों शव एक साथ रखे गए। इस दौरान जिला पुलिस बल के जवानों ने मातमी धून पर अपने हथियार और सिर झुकाकर शहीदों को अंतिम सलामी दी।

इस मौके पर शहीद जवान और एसपीओ (SPO) के परिजन भी मौजूद थे। गौरतलब है कि 31 मई को जिले के पोड़ाहाट जंगल के कराईकेला थानाक्षेत्र के जोनोवा गांव में सर्च ऑपरेशन पर गई पुलिस टीम पर नक्सलियों (Naxals) ने हमला कर दिया। इस हमले (Naxal Attack) में एक जवान और एक एसपीओ शहीद हो गए थे।

झारखंड: चाईबासा में नक्सलियों ने घात लगाकर पुलिस पर किया हमला, SPO समेत दो जवान शहीद

शहीद पुलिस जवान लखींद्र मुंडा एएसपी नाथू सिंह मीणा के बॉडीगार्ड थे। शहीद जवान लखिन्द्र मुंडा चाईबासा के झरझरा के रहने वाले थे। जबकि एसपीओ बंदगांव प्रखंड के ओटार गांव का रहनेवाले थे। चक्रधरपुर एएसपी नाथू सिंह मीणा के शहीद बॉडीगार्ड लखींद्र मुंडा के पिता श्यामल मुंडा एवं बहन मालती मुंडा की हत्या नक्सली संगठन ‘झारखंड लिबरेशन टाइगर्स’ (जेएलटी) के सदस्यों ने 2006 में गोली मारकर कर दी थी। वहीं, उनकी बहन दड़कादा मध्य विद्यालय में पारा शिक्षक थीं।

2006 में जेएलटी (JLT) सदस्यों ने शहीद जवान लखींद्र मुंडा के घर को चारों तरफ से घेरकर अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें उनके पिता श्यामल और एवं उनकी बहन मालती मुंडा को गोली लगी थी और बहन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। जबकि उनके पिता की गोली लगने के करीब पांच महीने बाद मौत हो गई थी।

बता दें कि चक्रधरपुर प्रखंड की होयोहातु पंचायत के झरझरा इलाके में साल 2006 में जेएलटी (JLT) का बोलबाला था। उस समय JLT ने द्वारा लगातार कई घटनाओं को अंजाम दिया गया था। जेएलटी सदस्य झरझरा हाट समेत उस इलाकों में लूटपाट समेत हत्या की घटना को अंजाम देते रहे थे।

यह भी पढ़ें