India Pakistan War 1965: जिंदा रहने के लिए सैनिकों ने पी लिया था जानवरों का खून मिला पानी! जानें कैसे थे हालात

सेना में 9 कुमाऊं रेजिमेंट का हिस्सा रहे और 1965 के भारत पाकिस्तान यु़द्ध में शामिल रहे रिटायर्ड जगत सिंह ने इस युद्ध से जुड़े अपने अनुभव को साझा किया है।

India Pakistan War 1965

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India Pakistan War 1965: भारतीय सेना (Indian Army) में 9 कुमाऊं रेजिमेंट का हिस्सा रहे और 1965 के भारत पाकिस्तान यु़द्ध में शामिल रहे रिटायर्ड जगत सिंह ने इस युद्ध से जुड़े अपने अनुभव को साझा किया है।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1965 में युद्ध (India Pakistan War 1965) लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तान को बुरी तरह से पटखनी दी गई थी। युद्ध में जीत के लिए हमारे सैनिकों ने हर मोर्चे पर दुश्मनों को विफल किया था। पाकिस्तान इस युद्ध में अपनी हार को याद कर आज भी थर-थर कांप उठता होगा।

इस युद्ध में पाकिस्तान भारत को कमजोर समझ रहा था लेकिन उसकी यही भूल उसे अंत में बहुत भारी पड़ी थी। पाकिस्तानी सेना को हमारे जवानों ने बुरी तरह से हराया था। दो देशों के बीच युद्ध होने के पीछे कई वजहें होती हैं। पाकिस्तान और भारत के बीच भी युद्ध से पहले ऐसी कई वजहें थीं।

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युद्ध (India Pakistan War 1965) के दौरान विपरीत हालातों में जिंदा रहने के लिए सैनिकों को हर तरीके को अपनाना पड़ता है। इस युद्ध के दौरान भी हमारे सैनिकों को खुद को जिंदा रखने के लिए जानवारों का खून मिला पानी पीना पड़ा था।

भारतीय सेना में 9 कुमाऊं रेजिमेंट का हिस्सा रहे और 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध में शामिल रहे रिटायर्ड जगत सिंह ने इस युद्ध से जुड़े अपने अनुभव को साझा किया है। उन्होंने युद्ध की एक घटना को साझा करते हुए बताया कि महाराजके में पाकिस्तान ने युद्ध के दौरान जो बम जवानों ने फेंके थे, उन बमों से कई जानवर मर रहे थे और जानवरों का खून नदी में बह रहा था।

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हम किसी भी हाल में जीत चाहते थे। यही वजह थी कि मोर्चे पर तैनात भारतीय जवानों ने जानवरों के खून से लाल उस नदी का पानी पीकर महाराजके इलाके को फतह किया था। देशभक्ति का ऐसा आलम था कि हमारे जवानों ने विपरीत हालातों में भी खुद को संभाले रखा था।

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